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कांग्रेस का पलटवार: मोदी के 26/11 बयान पर उठाए सवाल, कहा– “प्रधानमंत्री ने तथ्य तोड़-मरोड़कर पेश किए”

कांग्रेस का पलटवार: मोदी के 26/11 बयान पर उठाए सवाल, कहा– “प्रधानमंत्री ने तथ्य तोड़-मरोड़कर पेश किए”

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। मुंबई हमलों (26/11) पर कांग्रेस सरकार के रुख को लेकर पीएम मोदी ने सवाल उठाया था कि “देश की सेना पाकिस्तान पर कार्रवाई को तैयार थी, लेकिन कांग्रेस ने किसी विदेशी दबाव में कदम पीछे खींच लिए।”

इस बयान पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। पार्टी के वरिष्ठ सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान “पूरी तरह से गलत और निराधार” है। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के प्रधानमंत्री ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति कर रहे

है। 1980 के दशक से लेकर अब तक पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया है, लेकिन हर सरकार चाहे कांग्रेस की हो या बीजेपी की आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध रही है।”

तिवारी ने आगे कहा, “पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का राजनीतिकरण भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में नहीं है। प्रधानमंत्री को जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए, क्योंकि उनके शब्द देश की नीति को प्रभावित करते हैं।

इधर, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री ने अधूरे नवी मुंबई एयरपोर्ट का उद्घाटन तो कर दिया, लेकिन महाराष्ट्र के बाढ़ पीड़ित किसानों की सुध नहीं ली।” उन्होंने कहा, “मोदी सरकार प्रचार की सनक में संवेदनशील मुद्दों पर भी राजनीति कर रही है। उन्होंने 26/11 हमले पर कांग्रेस को दोषी ठहराने की कोशिश की, जबकि वही कांग्रेस सरकार थी जिसने मुंबई हमले के दोषी को फांसी दी थी।”

सपकाल ने यह भी कहा कि “अगर मोदी वास्तव में जवाबदेही चाहते हैं तो उन्हें बताना चाहिए कि अमेरिका के दबाव में ऑपरेशन सिंदूर क्यों रोका गया? पुलवामा और पठानकोट जैसे हमलों के बावजूद अपराधियों को पकड़ने में विफल रही वर्तमान सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए।”

पीएम मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के पूर्व गृह मंत्री (संकेत रूप से पी. चिदंबरम) के बयान का हवाला देते हुए कहा था, “मुंबई हमले के बाद देश की सेना कार्रवाई को तैयार थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने विदेशी दबाव में हमला रोक दिया। देश को यह जानने का हक है कि आखिर ऐसा फैसला क्यों लिया गया।”

चिदंबरम ने हाल ही में स्वीकार किया था कि 26/11 के बाद अमेरिका के दबाव में भारत ने पाकिस्तान पर कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की थी।

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