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बिहार चुनाव: दिल्ली में BJP की बड़ी बैठक, सीट बंटवारे पर मंथन

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान अब अंतिम चरण में पहुँच गई है। इसी क्रम में, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व ने शनिवार को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण महाबैठक बुलाई है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित बिहार भाजपा कोर कमेटी के सभी वरिष्ठ नेता शामिल हैं, जो सीट बंटवारे, कुछ उलझी हुई सीटों पर निर्णय और चुनाव प्रचार की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा कर रहे हैं।

माना जा रहा है कि इस मंथन के बाद एनडीए में सीट बंटवारे की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी और औपचारिक घोषणा आज शाम तक होने की प्रबल संभावना है।

NDA में सीटों का गणित: 95% काम पूरा, लेकिन घटक दलों की जिद बाकी

सूत्रों के अनुसार, एनडीए गठबंधन में सीटों के तालमेल का काम 95 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। गठबंधन के दो सबसे बड़े दल, BJP और जनता दल यूनाइटेड (JDU), दोनों 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। हालांकि, गठबंधन के छोटे घटक दलों की ओर से की जा रही अधिक सीटों की मांग के चलते अंतिम घोषणा में देरी हो रही है।

प्रमुख घटक दलों की मांगें और स्थिति:

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP): पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान को भाजपा और जदयू मिलकर 28 सीटें देना चाहते हैं, लेकिन चिराग 35 से कम सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं। चिराग पासवान ने दावा किया है कि बातचीत सकारात्मक ढंग से चल रही है और अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हवाला देते हुए कहा कि जहाँ प्रधानमंत्री हैं, वहाँ उन्हें अपने सम्मान की चिंता नहीं है।

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM): पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी को गठबंधन 8 सीटें देने का इच्छुक है। हालांकि, मांझी का तर्क है कि राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए 8 विधायकों की आवश्यकता होती है, और उनके पास पहले से ही 4 विधायक हैं। इसलिए, वह 15 सीटों से कम पर चुनाव नहीं लड़ सकते।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM): उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने भी 24 सीटों की मांग की है, लेकिन उन्हें करीब 5 सीटें दिए जाने की बात चल रही है।

इन घटक दलों की बढ़ी हुई मांगें ही फिलहाल एनडीए की सीटों की औपचारिक घोषणा में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं।

दिल्ली बैठक में शाह-नड्डा कर रहे अंतिम मंथन

सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए बुलाई गई इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा के अलावा, बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय जैसे भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद हैं।

यह बैठक उन उलझी हुई सीटों पर भी फैसला करेगी, जहाँ एक ही सीट पर कई दावेदार हैं या फिर जहाँ घटक दलों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। इसके साथ ही, भाजपा की कोर कमेटी चुनाव प्रचार की रणनीति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य केंद्रीय नेताओं की रैलियों की रूपरेखा तथा पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल किए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर भी गहन चर्चा कर रही है।

जदयू का दावा: सब एकजुट हैं, जल्द होगा एलान

जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने घटक दलों के बीच मतभेदों की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने दावा किया है कि एनडीए के घटक दलों में कहीं कोई मतभेद नहीं है, और सभी दल एकजुट हैं। झा ने विश्वास जताया कि सीट बंटवारे का औपचारिक एलान जल्द ही कर दिया जाएगा। उनका यह बयान चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की बढ़ी हुई मांग के बीच गठबंधन में एकता बनाए रखने के उद्देश्य से आया है।

महाबैठक का मुख्य उद्देश्य यही है कि विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा के बाद जल्द से जल्द सभी विवादों को सुलझा लिया जाए ताकि गठबंधन पूरी ताकत और तालमेल के साथ चुनाव प्रचार में उतर सके और जनता के बीच मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सके। दिल्ली में होने वाली इस अंतिम दौर की बैठक के बाद, माना जा रहा है कि भाजपा और जदयू सहित सभी घटक दल अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची और संयुक्त प्रचार अभियान की रणनीति को सार्वजनिक करेंगे। बिहार में एनडीए की चुनावी सफलता के लिए यह सीटों का सही तालमेल बनाना और गठबंधन के भीतर सामंजस्य बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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