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वाई पूरन केस: दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा, सीएम नायब सिंह सैनी का पहला बयान

समग्र समाचार सेवा
पंचकूला/चंडीगढ़, 11 अक्टूबर: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पंचकूला में कहा कि इस मामले की पूरी जांच होगी और दोषी चाहे जितने भी प्रभावशाली हों, उन्हें कानून के कटघरे से नहीं बचाया जाएगा। सीएम ने विपक्ष को चेतावनी दी कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीतिक लाभ उठाना उचित नहीं है।

सीएम ने शुक्रवार रात कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, होम सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा और आईएएस अधिकारी राज शेखर कुंडरू के साथ बैठक की। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा सरकार डीजीपी शत्रुजीत कपूर को पदमुक्त करने पर विचार कर रही है। वहीं, रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया को हटा कर सुरेंद्र सिंह भौरिया को नियुक्त किया गया।

वाई पूरन कुमार का पोस्टमॉर्टम आज भी नहीं हो पाया। पीजीआई के डॉक्टर्स और फोरेंसिक टीम मौजूद थे, लेकिन परिवार की अनुपस्थिति के कारण प्रक्रिया रोक दी गई। एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि परिवार की सहमति के बाद ही पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। इस बीच, गुरुद्वारे सेक्टर-20 में कल दोपहर महापंचायत की घोषणा हुई है।

परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी मर्जी के बिना शव को पीजीआई भेजा गया। इस पर डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा और आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने परिवार से संवाद किया और शीघ्र पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया। एक एसआईटी का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व आईजी कर रहे हैं।

इस घटना के बाद हरियाणा में विरोध का माहौल है। कांग्रेस और विभिन्न सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरे। हिसार में रविदास महासभा की बैठक हुई और रोहतक में सामाजिक संगठनों ने एसपी आवास का घेराव किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, सांसद कुमारी सैलजा और हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र अमनीत पी कुमार ने भी परिवार से शोक व्यक्त किया।

हरियाणा कैबिनेट की बैठक फिलहाल स्थगित कर दी गई है। हरियाणा आईएएस अधिकारी संघ ने वाई पूरन कुमार के निधन पर गहरा दुख जताया और सरकार से मांग की कि मामले की गंभीरता के अनुसार उचित कदम उठाए जाएं।

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