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हमास की कैद में आख़िरी हिंदू बंधक बिपिन जोशी की मौत की पुष्टि

समग्र समाचार सेवा
तेल अवीव/काठमांडू, 14 अक्टूबर: हमास की कैद में आख़िरी हिंदू बंधक रहे नेपाली छात्र बिपिन जोशी की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। हमास ने सोमवार देर रात उनके शव को इज़राइली अधिकारियों को सौंप दिया। जोशी 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले के दौरान अगवा कर लिए गए थे। वे उस समय इज़राइल के दक्षिणी क्षेत्र स्थित किब्बुत्ज़ अलुमीम (Kibbutz Alumim) में एक कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत काम कर रहे थे।

नेपाल के इज़राइल में राजदूत धन प्रसाद पंडित ने पुष्टि की कि “हमास ने बिपिन जोशी का शव इज़राइली अधिकारियों को सौंप दिया है, जिसे अब तेल अवीव ले जाया जा रहा है।”
इज़राइली सेना के प्रवक्ता एफ़ी डेफ्रिन ने बताया कि हमास ने कुल चार बंधकों के शव लौटाए हैं, जिनमें बिपिन जोशी भी शामिल हैं। डीएनए परीक्षण के बाद उनका शव नेपाल भेजा जाएगा।

बिपिन जोशी मात्र 22 वर्ष के थे। वे सितंबर 2023 में 16 अन्य नेपाली छात्रों के साथ इज़राइल पहुँचे थे। वे वहाँ कृषि अध्ययन एवं कार्य कार्यक्रम में शामिल थे। बताया जाता है कि हमले के दौरान उन्होंने अपने साथियों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने में मदद की थी, जिसके बाद आतंकियों ने उन्हें पकड़ लिया।

उनकी मौत की खबर गाज़ा संघर्षविराम समझौते के तहत 20 जीवित बंधकों की रिहाई की खुशी के बीच आई, जिसने नेपाल और इज़राइल दोनों में शोक की लहर फैला दी।

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