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रौब झाड़ना पड़ा भारी: भीलवाड़ा थप्पड़कांड में SDM निलंबित

समग्र समाचार सेवा
भीलवाड़ा, 24 अक्टूबर: राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारी और प्रतापगढ़ में सहायक निदेशक (प्रशासनिक सुधार व समन्वय विभाग) के पद पर तैनात छोटू लाल शर्मा को भीलवाड़ा में एक सीएनजी पंप कर्मचारी के साथ मारपीट करने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। 23 अक्टूबर की देर रात राज्यपाल की आज्ञा से संयुक्त शासन सचिव धीरेंद्र सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किए। यह कार्रवाई 21 अक्टूबर को हुई उस घटना के बाद की गई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिससे अधिकारी के आचरण पर गंभीर सवाल उठे थे।

विवाद की शुरुआत और थप्पड़कांड

यह पूरा मामला भीलवाड़ा के जसवंतपुरा स्थित अजमेर-भीलवाड़ा हाईवे पर एक सीएनजी पेट्रोल पंप का है। मंगलवार, 21 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:45 बजे एसडीएम छोटू लाल शर्मा अपनी कार से सीएनजी भरवाने के लिए पंप पर रुके।

विवाद की वजह: सीसीटीवी फुटेज और सामने आई खबरों के अनुसार, SDM की कार वहां खड़ी थी, लेकिन पंपकर्मी ने उनकी कार के बजाय पीछे आई दूसरी कार में गैस भरना शुरू कर दिया। इस बात पर SDM शर्मा नाराज हो गए और उन्होंने पंपकर्मी को टोकना शुरू किया।

हाथापाई: बातचीत जल्द ही कहासुनी में बदल गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि SDM रोब झाड़ते हुए कहते हैं, “SDM हूँ मैं यहाँ का…” और फिर कर्मचारी को थप्पड़ जड़ देते हैं। जवाब में, पंपकर्मी ने भी पलटवार करते हुए SDM को थप्पड़ मारा। इस घटना के बाद पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई।

पत्नी ने लगाए छेड़छाड़ के आरोप

घटना के बाद, SDM की पत्नी दीपिका व्यास ने रायला थाने में पंप कर्मचारियों के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट की FIR दर्ज करवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि पंपकर्मी ने उन्हें देखकर आँख मारी और अभद्र टिप्पणी की, जिस पर उनके पति ने विरोध किया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन पंप कर्मचारियों—दीपक माली, प्रभु लाल कुमावत और राजा शर्मा को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि, वायरल वीडियो में SDM द्वारा पहले थप्पड़ मारने की फुटेज सामने आने और मामले में एकतरफा कार्रवाई पर सोशल मीडिया पर भारी आलोचना हुई।

सरकार का कड़ा रुख और निलंबन

सार्वजनिक पद पर बैठे एक अधिकारी के अनुचित व्यवहार और गरिमा के उल्लंघन को देखते हुए राजस्थान सरकार ने कड़ा रुख अपनाया। राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के तहत प्रशासनिक कारणों से छोटू लाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन काल के दौरान उनका मुख्यालय कार्मिक विभाग, शासन सचिवालय, जयपुर रहेगा और उन्हें विभाग की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की मनाही होगी। सरकार ने संदेश दिया है कि कानून को हाथ में लेने वाले या अपने पद का रौब झाड़ने वाले किसी भी अधिकारी के अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छोटू लाल शर्मा का करियर पहले भी विवादों में रहा है और इस घटना ने उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

 

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