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चुनाव आयोग ने AI और डिजिटल रूप से संशोधित सामग्री पर लगाई सख्त शर्तें, बिहार चुनाव की तैयारियाँ तेज़

बिहार में फिर सजेगा सियासी महासंग्राम, दो चरणों में वोटिंग और 14 नवंबर को नतीजे

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर:चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और उनके प्रचार प्रतिनिधियों को चुनाव प्रचार के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल रूप से संशोधित सामग्री का जिम्मेदारी से उपयोग करने की एडवाइजरी जारी की है।

आयोग ने कहा है कि यदि कोई छवि, ऑडियो या वीडियो कृत्रिम रूप से तैयार या परिवर्तित किया गया है, तो उसे साफ और स्पष्ट लेबल के साथ प्रस्तुत करना होगा। लेबल कम से कम 10 प्रतिशत दृश्य भाग में दिखना चाहिए।

साथ ही, ऐसी सामग्री में निर्माण के लिए उत्तरदायी संस्था या व्यक्ति का नाम भी कैप्शन या मेटाडेटा में देना जरूरी है। आयोग ने चेताया है कि किसी व्यक्ति की पहचान, स्वर या रूप-रंग में बदलाव कर मतदाताओं को भ्रमित करने का प्रयास कानूनन दंडनीय होगा।

इसके अलावा, आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया है कि हर मतदान केंद्र पर आवश्यक न्यूनतम सुविधाएँ (Assured Minimum Facilities) उपलब्ध कराई जाएं। इन सुविधाओं में पीने का पानी, प्रतीक्षालय, शौचालय, पर्याप्त प्रकाश, दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप, मानक मतदान कक्ष और उचित संकेत-पट्ट शामिल हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। पहला चरण 6 नवम्बर को और दूसरा चरण 11 नवम्बर को होगा। पहले चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा।

राजनीतिक दलों के शीर्ष प्रचारक लगातार रैलियाँ कर रहे हैं। प्रचार में मुख्य मुद्दों के रूप में विकास, कानून-व्यवस्था, बेरोज़गारी, पलायन और शिक्षा प्रमुख रूप से उठाए जा रहे हैं।

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