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सुगौली में सियासी ‘ट्विस्ट’: तेज प्रताप के उम्मीदवार को RJD-VIP का समर्थन

समग्र समाचार सेवा
मोतिहारी, 27 अक्टूबर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मोतिहारी जिले की सुगौली सीट पर महागठबंधन के भीतर एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि सुगौली विधानसभा सीट पर अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और वीआईपी के समर्थन से श्याम किशोर चौधरी चुनाव लड़ेंगे। श्याम किशोर चौधरी, तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल के उम्मीदवार हैं।

क्यों बदला महागठबंधन का दांव?

यह अप्रत्याशित फैसला तब आया जब महागठबंधन के भीतर सीट-बंटवारे के तहत सुगौली सीट वीआईपी को मिली थी और पार्टी ने मौजूदा राजद विधायक शशि भूषण सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, जांच के दौरान शशि भूषण सिंह का नामांकन पत्र तकनीकी खामियों और दस्तावेजों में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण रद्द हो गया।

इसके चलते, महागठबंधन के पास इस महत्वपूर्ण सीट पर कोई आधिकारिक उम्मीदवार नहीं बचा था। राजनीतिक शून्य से बचने और एनडीए (NDA) समर्थित उम्मीदवार को मजबूत टक्कर देने के लिए, वीआईपी और राजद ने तत्काल रणनीति बदलते हुए श्याम किशोर चौधरी को समर्थन देने का फैसला किया।

वीआईपी के प्रवक्ता देव ज्योति ने बताया कि यह निर्णय पार्टी सुप्रीमो मुकेश सहनी के निर्देश पर और महागठबंधन के सभी सहयोगी दलों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से एकजुटता के साथ श्याम किशोर चौधरी को जिताने की अपील की है, ताकि यह सीट महागठबंधन के खाते में बनी रहे।

सुगौली सीट का नया चुनावी समीकरण

सुगौली में अब मुख्य मुकाबला एनडीए समर्थित (संभवतः लोजपा-रामविलास या अन्य सहयोगी दल) उम्मीदवार और महागठबंधन समर्थित श्याम किशोर चौधरी के बीच केंद्रित हो गया है। इस घटनाक्रम ने तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल को भी पहली बार प्रमुख विपक्षी गठबंधन का समर्थन दिलवाकर सुर्खियों में ला दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से महागठबंधन ने न केवल एक खाली हुई सीट पर अपना दावा मजबूत किया है, बल्कि राजद परिवार के भीतर की आंतरिक कलह को भी चुनाव से पहले एक हद तक साधने की कोशिश की है। श्याम किशोर चौधरी का समर्थन यह दर्शाता है कि चुनावी जीत के लिए महागठबंधन में व्यावहारिकता को प्राथमिकता दी गई है, भले ही इसके लिए तेज प्रताप यादव की पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन देना पड़ा हो। सुगौली की यह लड़ाई अब पूर्वी चंपारण में महागठबंधन की ताकत और एकता की एक बड़ी परीक्षा साबित होगी।

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