Site icon Samagra Bharat News website

नेपाली नागरिक के यात्रा विवाद पर भारत का बड़ा स्पष्टीकरण

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 02 नवंबर: हाल ही में, मीडिया में यह ख़बर आई थी कि नेपाली नागरिक शम्भावी अधिकारी को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर काठमांडू से बर्लिन जाते समय कथित तौर पर भारतीय आव्रजन अधिकारियों द्वारा रोक दिया गया था। इन ख़बरों में इस घटना को नेपाली नागरिकों के प्रति भेदभाव या पक्षपात के रूप में चित्रित किया गया था, जिससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच गलतफहमी पैदा होने की आशंका थी।

भारत सरकार का आधिकारिक स्पष्टीकरण

इन भ्रामक ख़बरों का खंडन करते हुए, भारत सरकार ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया। सरकार ने साफ़ किया कि यह घटना आव्रजन अधिकारियों से नहीं, बल्कि एयरलाइन के आंतरिक नियमों से संबंधित थी।

बयान के अनुसार, सुश्री शम्भावी अधिकारी एयर इंडिया की उड़ान से काठमांडू से दिल्ली पहुँची थीं और वहाँ से कतर एयरवेज़ की फ्लाइट से जर्मनी के लिए ट्रांजिट कर रही थीं।

“उन्हें कनेक्टिंग फ्लाइट में सवार होने से कतर एयरवेज़ द्वारा रोक दिया गया था। एयरलाइन ने उन्हें वीज़ा की वैधता से संबंधित कुछ मुद्दों के कारण आगे यात्रा की अनुमति नहीं दी।”

सरकार ने स्पष्ट किया कि भारतीय आव्रजन का कार्य केवल भारत में प्रवेश करने या भारत से बाहर जाने वाले यात्रियों के दस्तावेज़ों की जाँच करना होता है, न कि विदेशी एयरलाइनों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय ट्रांजिट यात्रियों की आगे की यात्रा की योग्यता तय करना। एयरलाइन ही अंतर्राष्ट्रीय यात्रा नियमों के तहत यात्री के गंतव्य देश के वीज़ा की वैधता की जाँच करती है।

एयरलाइन की कार्रवाई और बाद की यात्रा

कतर एयरवेज़ द्वारा बोर्डिंग से रोके जाने के बाद, सुश्री अधिकारी को काठमांडू वापस भेज दिया गया। बाद में, उन्होंने किसी दूसरे मार्ग से सफलतापूर्वक जर्मनी की यात्रा की।

इस पूरी प्रक्रिया में, भारतीय अधिकारियों ने सुश्री अधिकारी की यात्रा को बाधित करने वाला कोई कार्य नहीं किया। यह एक व्यावसायिक एयरलाइन का निर्णय था जो अंतर्राष्ट्रीय यात्रा और वीज़ा नियमों के तहत लिया गया था।

नेपाल के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध

भारत सरकार ने ज़ोर देकर कहा है कि ऐसी भ्रामक रिपोर्टें नेपाली नागरिकों के ख़िलाफ़ पक्षपात या भेदभाव के दावों को पूरी तरह से ख़ारिज करती हैं। भारत और नेपाल के बीच अद्वितीय, मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जो दोनों देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के देश में आवागमन की स्वतंत्रता (Freedom of Movement) प्रदान करते हैं। यह घटना किसी भी तरह से दोनों देशों के बीच के गहरे रिश्ते पर कोई प्रभाव नहीं डालती है।

सरकार ने मीडिया से अनुरोध किया है कि वह ऐसी संवेदनशीलता वाले मामलों में सही और पूरी जानकारी के साथ रिपोर्टिंग करे, ताकि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में कोई अनावश्यक तनाव पैदा न हो।

Exit mobile version