Site icon Samagra Bharat News website

‘बंदूकें गरजने को तैयार’, इस्लामिक आतंकवाद पर भड़के ट्रंप

समग्र समाचार सेवा
वाशिंगटन डीसी, 02 नवंबर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाइजीरिया में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा ईसाइयों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर सख़्त रुख अपनाया है। शनिवार को एक बयान जारी करते हुए ट्रंप ने नाइजीरियाई सरकार को खुली चेतावनी दी है कि अब अगर ज्यादा ईसाइयों का नरसंहार किया गया तो अमेरिकी फ़ौज ज़बरदस्त कार्रवाई करेगी।

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रक्षा विभाग को तेज सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहने का निर्देश दे दिया है। उन्होंने नाइजीरियाई सरकार से कहा, “अगर वह ईसाइयों को बचाने में सक्षम नहीं है तो अमेरिका की बंदूकें गरजने के लिए तैयार हैं।”

ट्रंप ने इस्लामिक आतंकवाद को जड़ से ख़त्म करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सख़्त शब्दों में कहा, “अगर हम हमला करेंगे, तो यह तेज़, भयावह और करारा होगा, ठीक वैसे ही जैसे आतंकवादी हमारे प्यारे ईसाइयों पर हमला करते हैं! चेतावनी: नाइजीरियाई सरकार तत्काल कदम उठाए!”

नाइजीरिया की सहायता रोकी गई

इस बड़ी चेतावनी के साथ ही, ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए तत्काल प्रभाव से नाइजीरिया को मिलने वाली सारी सहायता रोक दी है। यह कदम नाइजीरियाई सरकार पर ईसाइयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है।

अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी इस मामले पर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वे सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। हेगसेथ ने कहा कि “अगर नाइजीरिया की सरकार हिम्मत नहीं कर पा रही तो फिर अमेरिका की सेना इस्लामिक आतंकवाद फैलाने वाले संगठनों को नेस्तनाबूत कर देगी।”

धार्मिक अत्याचार वाले देशों की लिस्ट में नाइजीरिया

ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में नाइजीरिया को उन देशों की लिस्ट में शामिल कर दिया था, जिनमें धर्म के आधार पर अत्याचार किया जाता है। इस सूची में पहले से ही पाकिस्तान, रूस, चीन, म्यांमार और उत्तर कोरिया जैसे देश शामिल हैं। नाइजीरिया को इस लिस्ट में शामिल करना उसके मानवाधिकार रिकॉर्ड पर अमेरिका की गंभीर चिंता को दर्शाता है।

नाइजीरिया में ईसाइयों पर लगातार हो रहे हमलों और नाइजीरियाई सरकार द्वारा पर्याप्त कार्रवाई न करने के आरोपों के बीच, राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय हस्तक्षेप की ओर इशारा करता है। यह देखना बाकी है कि नाइजीरियाई सरकार अमेरिकी चेतावनी पर क्या कदम उठाती है।

 

Exit mobile version