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बिहार में किसकी आ रही बहार? बंपर वोटिंग पर बोले तेजस्वी — “महिलाएं कर चुकी हैं परिवर्तन का मन”

समग्र समाचार सेवा
पटना | 7 नवंबर: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान पूरा हो चुका है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि इस बार बिहार की जनता, खासकर महिलाएं, “परिवर्तन का मन” बना चुकी हैं।

तेजस्वी यादव, ने कहा

> “वो लोग कुछ भी कहें, लेकिन सब जानते हैं कि स्थिति क्या है। जो माताएं लाइन में लगी हैं, वो चाहती हैं कि जो लड़के बाहर काम कर रहे हैं, वो बिहार में ही रोजगार पाएं। इसी डर से 10 हजार की रिश्वत दी जा रही है, लेकिन इससे कुछ होने वाला नहीं है।”

तेजस्वी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पलायन-मुक्त बिहार बनाना है।

> “हम चाहते हैं कि बिहार में आईटी हब, फूड प्रोसेसिंग हब और एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री बने। बिहार में क्षमता बहुत है। बिहारी जब ठान लेता है, तो करके दिखाता है।”

जंगलराज के आरोपों पर तेजस्वी का पलटवार
तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा केवल 30-35 साल पहले की बातें करती है, जबकि मौजूदा अपराध दर को छिपाती है।

> “मोकामा में जो हुआ, उस पर कोई बात नहीं करता। एनसीआरबी के आंकड़े खुद दिखा रहे हैं कि अपराध में बिहार से ज्यादा बीजेपी शासित राज्यों की स्थिति खराब है।”

2020 बनाम 2025 — तेजस्वी में क्या बदला?
जब तेजस्वी से पूछा गया कि 2020 के मुकाबले इस बार उनमें क्या फर्क है, तो उन्होंने कहा,

> “मुद्दा वही है, लेकिन अब अनुभव और काम दोनों हैं। हमने 17 महीने में जो किया, वो देखिए। आईटी, स्पोर्ट्स, टूरिज्म की पॉलिसी बनाई, जातिगत सर्वे कराया, 700 डॉक्टरों को बर्खास्त किया जो अस्पताल नहीं आते थे। लेकिन सीएम नीतीश कुमार नीति आयोग की बैठक में भी नहीं जाते।”

निष्कर्ष
तेजस्वी यादव का आत्मविश्वास बरकरार है, लेकिन बिहार की जनता अब ‘वादों’ और ‘वास्तविकता’ के बीच अंतर समझती है।
पहले चरण की वोटिंग में जिस तरह महिलाओं की भागीदारी रही, उससे साफ है कि मतदाता अब स्थिरता, सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं, वही क्षेत्र जहाँ एनडीए ने पिछले एक दशक में लगातार काम किया है।

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