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समस्तीपुर: कचरे में मिलीं वीवीपैट पर्चियाँ, जाँच जारी

समग्र समाचार सेवा
समस्तीपुर (बिहार), 09 नवंबर: बिहार के समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के शीतलपट्टी गाँव के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कूड़े के ढेर में बड़ी संख्या में वीवीपैट (VVPAT) की पर्चियाँ बिखरी हुई पाई गईं। इस संवेदनशील चुनावी सामग्री के इस तरह खुले में मिलने से स्थानीय लोगों और राजनीतिक गलियारों में चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। समस्तीपुर के जिलाधिकारी (DM) रोशन कुशवाहा ने मौके का मुआयना किया और स्थिति स्पष्ट करने के लिए मीडिया को जानकारी दी।

🔎 डीएम का स्पष्टीकरण: मॉक पोल और श्रेडेड पर्चियों का मामला

डीएम रोशन कुशवाहा ने बताया कि उन्हें सरायरंजन क्षेत्र में VVPAT पर्चियाँ मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।

डीएम के अनुसार, जिस जगह यह सामग्री मिली है, वह कमीशनिंग/डिस्पैच सेंटर के पास का क्षेत्र है। उन्होंने कहा:

“मौके पर बहुत सारी श्रेडेड (कटी हुई) पर्चियों के बीच कुछ अनश्रेडेड (बिना कटी) पर्चियाँ भी पाई गईं हैं। इन सभी पर्चियों को प्रशासन ने जब्त कर लिया है और कानूनी रूप से सीज़र कर लिया गया है।”

⚙️ क्या कहती है तकनीकी प्रक्रिया?

जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले को एक “तकनीकी मामला” बताते हुए लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील की। उन्होंने वीवीपैट के कमीशनिंग के दौरान अपनाई जाने वाली मानक प्रक्रिया को स्पष्ट किया:

मॉक पोल (Mock Poll): कमीशनिंग के दौरान कुल मशीनों में से 5% मशीनों पर 1000-1000 वोट का मॉक पोल किया जाता है।

परीक्षण: सभी प्रत्याशियों के चुनाव चिन्ह (प्रतीक) की लोडिंग को सही ढंग से जाँचने के लिए बटन दबाकर मशीन का परीक्षण किया जाता है।

डीएम ने संकेत दिया कि ये पर्चियाँ संभवतः इसी मॉक पोल प्रक्रिया के बाद नष्ट की जाने वाली सामग्री हो सकती हैं, लेकिन लापरवाही के कारण कुछ पर्चियाँ बिना श्रेड किए ही खुले में फेंक दी गईं।

⚖️ लापरवाह कर्मियों के खिलाफ होगी FIR

डीएम रोशन कुशवाहा ने स्वीकार किया कि VVPAT पर्चियों का इस तरह खुले में मिलना एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों से यह लापरवाही हुई है, उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

उन्होंने आगे कहा:

“जांच में यह स्पष्ट हो जाएगा कि ये पर्चियां किस समय की हैं और इन्हें इस तरह से खुले में क्यों फेंका गया। जांच के बाद पर्चियों का समय और स्रोत स्पष्ट कर दिया जाएगा। तब तक हम सभी से किसी भी प्रकार की अटकलों से बचने की अपील करते हैं।”

प्रशासन द्वारा पर्चियों को जब्त करना और जिम्मेदार कर्मियों पर FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करना यह दर्शाता है कि अधिकारी इस मामले की गंभीरता को समझते हैं और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं। मामले की विस्तृत जांच के बाद ही पर्चियों की प्रकृति और इस चूक का कारण स्पष्ट हो पाएगा।

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