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दिल्ली विस्फोट: कश्मीर से हिरासत में मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर का परिवार

समग्र समाचार सेवा
श्रीनगर, 11 नवंबर: सोमवार शाम को नई दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण कार विस्फोट (Car Bomb Blast) के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। दिल्ली पुलिस की विशेष सेल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में देर रात दक्षिण कश्मीर के पुलवामा और आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई।

इस बड़ी कार्रवाई में, हमले के मुख्य संदिग्ध, डॉ. उमर मोहम्मद नबी के परिवार के तीन सदस्यों—उनकी माँ, एक पति (संभवतः भाई) और एक अन्य रिश्तेदार (सूत्रों के अनुसार दो भाई)—सहित कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया गया। डॉ. उमर, जो फरीदाबाद के अलफला मेडिकल कॉलेज में कार्यरत था, हाल ही में गिरफ्तार किए गए डॉक्टर मुजाम्मिल के साथ आरडीएक्स मॉड्यूल से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

हिरासत में लिए गए अन्य तीन लोगों में आमिर राशिद मीर (प्लंबर), उमर राशिद मीर (पावर डिवेलपमेंट डिपार्टमेंट कर्मी) और तारिक मलिक (बैंक सिक्योरिटी गार्ड) शामिल हैं। पुलिस इन सभी से दिल्ली विस्फोट की योजना और डॉ. उमर के ठिकाने के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।

🚗 फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़े तार: फिदायीन हमले की आशंका

जांच एजेंसियों को संदेह है कि लाल किला के पास हुआ विस्फोट एक फिदायीन-शैली का आत्मघाती हमला था। पुलिस का मानना है कि डॉ. उमर ने ही वह i20 कार खरीदी थी, जो विस्फोट में इस्तेमाल हुई।

CCTV साक्ष्य: सीसीटीवी फुटेज में कार में बैठा शख्स और डॉ. उमर की शक्ल मिलती-जुलती पाई गई है। विस्फोट के बाद घटनास्थल से बरामद हुए कुछ मानव अंग डॉ. उमर के हो सकते हैं। इसकी पुष्टि के लिए उसकी माँ को डीएनए नमूना देने के लिए बुलाया गया है।

आरडीएक्स लिंक: अधिकारियों ने बताया कि यह हमला सीधे तौर पर उस आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है, जिसका खुलासा दो दिन पहले फरीदाबाद में हुआ था, जहाँ 350 किलोग्राम आरडीएक्स और हथियार बरामद हुए थे।

आत्मघाती हमला: सूत्रों का कहना है कि फरीदाबाद में अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद डॉ. उमर घबरा गया था और डर के कारण उसने विस्फोटक भरी कार के साथ आत्मघाती हमला कर दिया।

डॉ. उमर, जो एक शिक्षित पेशेवर था, अन्य गिरफ्तार डॉक्टरों, डॉ. मुजाम्मिल और डॉ. आदिल के संपर्क में था। जांच से पता चला है कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे आतंकी संगठनों द्वारा ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसमें पढ़े-लिखे पेशेवर शामिल थे।

🔒 सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय: राष्ट्रव्यापी जांच जारी

इस बड़ी कार्रवाई के बावजूद, सुरक्षा एजेंसियां किसी भी आतंकी नेटवर्क के पूरी तरह से खत्म होने तक हाई अलर्ट पर हैं। दिल्ली पुलिस की विशेष सेल, एनआईए (NIA) और आईबी (IB) इस मामले की संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। संदिग्धों के ठिकानों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

जांच एजेंसियां डॉ. उमर के फोन रिकॉर्ड्स, बैंक लेनदेन और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहनता से जांच कर रही हैं, ताकि इस हमले के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके। इस बीच, डॉ. उमर की भाभी ने दावा किया है कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि उनका शांत स्वभाव का देवर ऐसा कुछ कर सकता है। बहरहाल, देश की सुरक्षा एजेंसियां इस बड़े आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में जुटी हैं।

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