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पाकिस्तान: इस्लामाबाद कोर्ट के बाहर कार बम विस्फोट, 12 की मौत

लाल क़िले की पार्किंग में तीन घंटे बैठा आतंकवादी

समग्र समाचार सेवा
इस्लामाबाद (पाकिस्तान), 11 नवंबर: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद मंगलवार सुबह एक भीषण आतंकी हमले से दहल उठी। यह हमला इस्लामाबाद के जिला और सत्र न्यायालय (District and Sessions Court) परिसर के गेट नंबर 1 के ठीक बाहर हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह एक कार बम विस्फोट था, जिसे संदिग्ध रूप से न्यायालय परिसर को निशाना बनाने के लिए अंजाम दिया गया।

विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मौके पर ही कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में वकीलों, न्यायालय कर्मचारियों और आम नागरिकों के शामिल होने की आशंका है। घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पतालों, जिनमें पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) भी शामिल है, में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहाँ कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

🚨 भीड़भाड़ वाले समय में वारदात: हमलावर का निशाना

यह हमला उस समय हुआ जब न्यायालय परिसर में कामकाज शुरू होने के कारण भारी भीड़ थी। वकील, मुवक्किल और अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में प्रवेश कर रहे थे। एक चश्मदीद ने बताया कि विस्फोट इतना जोरदार था कि इसकी आवाज़ दूर-दूर तक सुनी गई, और घटनास्थल पर आग, धुआँ और अराजकता का माहौल बन गया। विस्फोट के बाद परिसर के बाहर कई वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा।

धमाके की सूचना मिलते ही पाकिस्तान पुलिस और रेंजर्स की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और पूरे इलाके को कॉर्डन ऑफ (Cordon Off) कर दिया गया। फोरेंसिक टीमें विस्फोट में उपयोग किए गए विस्फोटक पदार्थ की प्रकृति की जांच कर रही हैं। हालांकि, जिस तरीके से हमले को अंजाम दिया गया है, वह स्पष्ट रूप से आतंकी संगठन की ओर इशारा करता है।

🔎 जांच और राजनीतिक प्रतिक्रिया: हाई अलर्ट जारी

इस आतंकी हमले के तुरंत बाद, इस्लामाबाद पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सभी सरकारी इमारतों, न्यायालयों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह घटना पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है, विशेषकर राजधानी के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है और मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया है। सरकार ने हमलावरों और उनके पीछे के नेटवर्क को पकड़ने के लिए समयबद्ध जांच शुरू करने की घोषणा की है।

इससे पहले भी पाकिस्तान में न्यायालयों को आतंकियों द्वारा निशाना बनाया गया है, क्योंकि इन स्थानों पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों और न्यायपालिका से जुड़े प्रमुख लोग एकत्रित होते हैं। यह विस्फोट पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है और दर्शाता है कि आतंकी संगठन अभी भी देश के दिल को निशाना बनाने में सक्षम हैं।

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