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जीतन राम मांझी का बड़ा दावा: NDA जीतेगा 122 में से 80 सीटें

समग्र समाचार सेवा
गया (बिहार), 11 नवंबर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान मंगलवार को संपन्न हुआ। इस निर्णायक चरण में, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गयाजी स्थित अपने पैतृक गाँव महकार में अपना वोट डाला।

वोट डालने के बाद मीडिया से बात करते हुए, मांझी ने लोकतंत्र की ताकत पर जोर दिया और कहा, “भारत के गणतंत्र की यही व्यवस्था है कि एक मताधिकार राष्ट्रपति को मिला है और एक ही मत का अधिकार सर्व साधारण व्यक्ति के पास भी है।”

इसके बाद, उन्होंने NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की ओर से एक बड़ा चुनावी दावा किया। मांझी ने कहा कि पहले चरण में 65% मतदान हुआ था, जिसमें महिलाओं का योगदान 70% रहा था। उन्होंने उम्मीद जताई कि दूसरे चरण में भी मतदान प्रतिशत लगभग 65-66% से कम नहीं होगा।

🚀 80 सीट जीत का दावा: ‘रिकॉर्ड तोड़ बहुमत’ की ओर NDA

जीतन राम मांझी ने स्पष्ट शब्दों में दावा किया कि दूसरे चरण की 122 सीटों में से कम से कम 80 सीटों पर NDA के उम्मीदवारों की जीत तय है।

मांझी ने अपनी भविष्यवाणी को महिला मतदाताओं की भागीदारी से जोड़ा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में महिला सशक्तिकरण और विकास के कार्यों के कारण, इस बार महिलाओं का टर्न आउट अधिक हुआ है, और यह वोट 90% तक NDA के पक्ष में गया है।

सकारात्मक माहौल: मांझी और अन्य NDA नेताओं जैसे भाजपा के तरुण चुघ और जदयू के संजय झा ने कहा है कि बिहार की जनता जंगलराज, ठगी और माफियाराज को अस्वीकार कर रही है। उनका दावा है कि सरकार के पक्ष में एक मजबूत सकारात्मक माहौल है और NDA ‘रिकॉर्ड तोड़ बहुमत’ की ओर बढ़ रहा है।

तेजस्वी पर निशाना: मांझी ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के दावों पर भी तंज कसते हुए कहा कि वे केवल अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए ऐसी बातें कह रहे हैं।

💡 मांझी के दावे का राजनीतिक महत्व

जीतन राम मांझी का यह दावा ऐसे समय में आया है जब बिहार में मुख्य मुकाबला NDA (भाजपा, जदयू, ‘हम’) और महागठबंधन (राजद, कांग्रेस) के बीच कांटे का रहा है। मांझी की पार्टी ‘हम’ के लिए यह चरण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी सभी छह सीटें (जिनमें इमामगंज और बराचट्टी जैसी सीटें शामिल हैं) इसी चरण में थीं।

मांझी का आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि NDA को मगध क्षेत्र (गया, जहानाबाद, औरंगाबाद) और सीमान्चल में मजबूत बढ़त की उम्मीद है। हालांकि, दूसरी ओर, महागठबंधन भी दावा कर रहा है कि यह वोट ‘बदलाव लाने और युवाओं के लिए रोज़गार’ सुनिश्चित करने के लिए है। अब सभी की निगाहें 14 नवंबर को होने वाली मतगणना और उससे पहले आने वाले एग्जिट पोल के नतीजों पर टिकी हैं, जो इस दावे की सच्चाई को उजागर करेंगे।

 

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