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संदिग्ध आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद की पहली तस्वीर आई सामने

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 11 नवंबर: दिल्ली के लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुए आतंकी धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, इस ब्लास्ट में संदिग्ध आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद का नाम सामने आया है। जांच एजेंसियों को अब उसकी पहली तस्वीर भी मिल गई है। बताया जा रहा है कि धमाके में इस्तेमाल हुई आई-20 कार को वही चला रहा था, जो मौके पर विस्फोट के दौरान नष्ट हो गई।

उमर मोहम्मद मूल रूप से पुलवामा का रहने वाला था और फरीदाबाद के अल फलह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के तौर पर तैनात था। उसके पिता का नाम नबी भट और मां का नाम शमीमा बानू बताया गया है। सूत्रों के अनुसार, वह फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़े तीन डॉक्टरों में तीसरा सदस्य था।

उसके दो साथी डॉक्टर  आदिल अहमद और मुजम्मिल शकील  पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आदिल अनंतनाग के सरकारी अस्पताल में सीनियर डॉक्टर है, और जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के बाद उसकी पहचान सीसीटीवी फुटेज से हुई थी। 6 अक्टूबर को उसे सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर मुजम्मिल को पकड़ा गया और करीब 2900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी।

सूत्रों का कहना है कि उमर मोहम्मद जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलवामा के तारिक नामक व्यक्ति ने ही उसे आई-20 कार दी थी। बताया जा रहा है कि साथियों की गिरफ्तारी के बाद गिरफ्तारी के डर से उमर ने लालकिला ब्लास्ट को अंजाम दिया।

धमाके के बाद मौके से मानव अवशेष और एक हाथ का हिस्सा बरामद हुआ है। दिल्ली पुलिस डीएनए जांच के ज़रिए पुष्टि कर रही है कि यह अवशेष उमर मोहम्मद के ही हैं या नहीं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल का इस्तेमाल किया गया, जो आमतौर पर खनन कार्यों में विस्फोटक पदार्थ के रूप में उपयोग होता है।

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