Site icon Samagra Bharat News website

दुबई में गैंगवार: लॉरेंस बिश्नोई के CA की हत्या, गोल्डी बराड़ ने ली जिम्मेदारी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 15 नवंबर: पंजाब और हरियाणा के गिरोहों के बीच चल रही खूनी दुश्मनी अब अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर गई है। दुबई जैसे अत्यधिक निगरानी वाले शहर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी और कथित चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) जोरा सिद्धू उर्फ सिप्पा की हत्या कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिप्पा की गला रेतकर हत्या की गई है।

इस वारदात के बाद, तुरंत ही गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम से संचालित होने वाले एक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें गोल्डी बराड़ गैंग के साथ मिलकर इस हत्या की जिम्मेदारी ली गई है। इस पोस्ट में सिप्पा की हत्या करने के बाद की एक विभत्स तस्वीर भी साझा की गई, जिससे अपराध की गंभीरता का पता चलता है। हालांकि, दुबई पुलिस ने अभी तक इस हत्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ इस मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

CA कम हैंडलर: सिप्पा की दोहरी भूमिका

जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों ने बताया कि जोरा सिद्धू उर्फ सिप्पा सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई का CA नहीं था, बल्कि वह गिरोह के लिए एक महत्वपूर्ण हैंडलर की भूमिका भी निभा रहा था। वह दुबई में बैठकर बिश्नोई गैंग के लिए वित्तीय और धमकी से जुड़े कार्य संभालता था।

पुलिस के अनुसार, सिप्पा दुबई में रहकर कनाडा और अमेरिका में रहने वाले कई लोगों को फिरौती और धमकी भरे कॉल कर रहा था। दुश्मनी की मुख्य वजह तब बढ़ी, जब सिप्पा ने जर्मनी में रोहित गोदारा के एक सहयोगी की हत्या करवाने की कथित तौर पर कोशिश की थी। गोदारा-बराड़ गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया कि यह हत्या प्रतिशोध की कार्रवाई थी।

सोशल मीडिया पर दुश्मनों को खुली चुनौती

रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग द्वारा जारी किए गए सोशल मीडिया पोस्ट का लहजा बेहद आक्रामक था। पोस्ट में लिखा गया, “आज दुबई में लॉरेंस के जोरा सिद्धू (सिप्पा) को गला रेतकर मार दिया गया। यह काम हमने करवाया है। जो दुबई को सुरक्षित समझते हैं, समझ लें अगर हमारे दुश्मन हैं तो कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।” पोस्ट में रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के अलावा वीरेंद्र चारण, महेंद्र सरन डेलाना और विक्की पहलवान कोटकपूरा का भी जिक्र किया गया है।

इस अंतर्राष्ट्रीय गैंगवार से उन तमाम बुकियों और कॉल सेंटर माफियाओं की चिंता बढ़ गई है, जो भारत छोड़कर विदेशों में शिफ्ट हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि ये लोग पहले एक ही गैंग को प्रोटेक्शन मनी देते थे, लेकिन अब उन्हें प्रतिद्वंद्वी दोनों गैंगों को पैसा देना पड़ सकता है, क्योंकि इन गैंग्स ने साफ कर दिया है कि उनके दुश्मन दुनिया के किसी भी कोने में महफूज़ नहीं हैं।

Exit mobile version