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हिडमा का अंत: कुख्यात माओवादी कमांडर आंध्र प्रदेश में ढेर, 1 करोड़ का इनामी था

समग्र समाचार सेवा
मारेदुमिल्ली/आंध्र प्रदेश, 18 नवंबर: आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले में चलाए गए एक बड़े एंटी-नक्सल अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। देश के सबसे खतरनाक माओवादी नेताओं में शामिल मादवी हिडमा को मारेदुमिल्ली क्षेत्र में चल रही मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो 43 वर्षीय हिडमा पिछले दो दशकों से बस्तर और आसपास के इलाकों में कई बड़े नक्सली हमलों की कमान संभाल रहा था।

हिडमा, जिसे PLGA बटालियन नंबर-1 का शीर्ष कमांडर माना जाता था, CPI (माओवादी) की केंद्रीय समिति का एकमात्र बस्तर क्षेत्र का आदिवासी सदस्य था। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुवर्ती गांव में 1981 में जन्मा हिडमा धीरे-धीरे संगठन में ऊपर बढ़ता गया और बेहद घातक ऑपरेशनों की अगुवाई करने लगा। उस पर सरकार ने 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच लगभग एक घंटे तक गोलीबारी चली। जवाबी कार्रवाई में हिडमा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजक्का उर्फ राजे और पांच अन्य नक्सली भी मारे गए। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और साहित्य बरामद हुआ है।

हिडमा उन कई आतंकी घटनाओं का मास्टरमाइंड माना जाता था, जिन्होंने देशभर में सुरक्षा एजेंसियों को झकझोर दिया। इनमें 2010 का दंतेवाड़ा हमला, जिसमें 76 CRPF जवान शहीद हुए; 2013 का झीरम घाटी नरसंहार, जिसमें कांग्रेस के कई शीर्ष नेता मारे गए; और 2021 का सुकमा-बीजापुर अध्यारोह हमला शामिल है, जिसमें 22 जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा बस्तर के अंदरूनी इलाकों में उसने कई वर्षों तक बड़े नक्सली ऑपरेशनों को संचालित किया।

आंध्र प्रदेश के डीजीपी हरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि “मुठभेड़ सुबह 6 से 7 बजे के बीच हुई। एक शीर्ष माओवादी नेता समेत कुल छह नक्सलियों को मार गिराया गया। इलाके में अभी व्यापक तलाशी अभियान चल रहा है ताकि अन्य संभावित ठिकानों का भी पता लगाया जा सके।”

सुरक्षा एजेंसियां हिडमा के खात्मे को बस्तर और पड़ोसी राज्यों में फैले माओवादी नेटवर्क पर अब तक का सबसे बड़ा झटका मान रही हैं।

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