Site icon Samagra Bharat News website

रोहिणी आचार्य विवाद पर भड़के जीतन राम मांझी, बोले ‘ऐसे लोगों को शर्म से डूब मरना चाहिए’

समग्र समाचार सेवा
पटना | 18 नवंबर: लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा अपने भाई तेजस्वी यादव और उनके करीबी सहयोगियों पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने राष्ट्रीय जनता दल के प्रथम परिवार में बड़ा भूचाल ला दिया है। रोहिणी ने रविवार को सबसे पहले यह दावा किया कि उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ, उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया और यहां तक कि पिता को किडनी देने के लिए उन्हें ताने भी सुनने पड़े।

रोहिणी की यह नाराज़गी सिर्फ़ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही। उनके बयान के बाद परिवार की तीन बेटियाँ, रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी पटना स्थित लालू-राबड़ी आवास छोड़कर चली गईं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल और बढ़ गई। बाद में परिवार की अन्य बेटियाँ भी पटना एयरपोर्ट पर दिल्ली के लिए रवाना होती दिखीं, लेकिन उन्होंने मीडिया से बातचीत से परहेज़ किया।

इसी बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए बेहद कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह लालू परिवार का आंतरिक मसला है, लेकिन रोहिणी द्वारा जो बातें सामने लाई गई हैं, वे बेहद गंभीर हैं। मांझी ने तंज कसते हुए कहा, “ऐसा लग रहा है कि इनके घरों में जो गलत काम हो रहे थे, अब वे खुलकर सामने आ रहे हैं। ऐसे लोगों को तो शर्म से डूब मरना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि चुनावों में जनता ने नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम पर भरोसा जताया है और महिलाएँ–युवा बड़ी संख्या में इनके पक्ष में आए। अब RJD के भीतर का यह विवाद उनकी “पतन की शुरुआत” साबित होगा।

तेज प्रताप यादव, जिन्हें पहले पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था, ने भी अपनी बहन का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी के करीबी सहयोगी संजय यादव और रमीज़ नेमत खान परिवार में दरार डाल रहे हैं। तेज प्रताप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चाहें तो जनता ऐसे “जयचंदों” को राजनीतिक रूप से ख़त्म कर देगी और उन्होंने लालू से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की।

रोहिणी आचार्य कौन हैं?

सिंगापुर में रहने वाली रोहिणी आचार्य दिसंबर 2022 में अपने पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी दान करने के बाद सुर्खियों में आई थीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने सारण सीट से चुनाव लड़ा, जहाँ लालू यादव चार बार से अधिक सांसद रह चुके हैं। हालांकि वह BJP नेता राजीव प्रताप रूडी से हार गईं, लेकिन ‘किडनी देने वाली बेटी’ के नाम से उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ी। उनकी राजनीति में सक्रियता और परिवार के भीतर उठाई गई आवाज़ ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया है।

Exit mobile version