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तीन बार बदला चेहरा, इस बार कौन? BJP के डिप्टी सीएम चयन पर बढ़ी बेचैनी

समग्र समाचार सेवा
पटना, 19 नवंबर: बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज़ हो चुकी है और बुधवार को NDA तथा BJP–JDU दोनों की विधायक दल की बैठकें बुलाई गई हैं। सूबे की राजनीति में यह लगभग साफ माना जा रहा है कि नीतीश कुमार ही एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की कमान संभालेंगे। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को पर्यवेक्षक बनाया है। माना जा रहा है कि बुधवार दोपहर तक NDA औपचारिक रूप से नीतीश को अपना नेता चुन लेगा और गुरुवार को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण होगा।

मुख्यमंत्री का चेहरा तय माना जा रहा है, लेकिन असली राजनीतिक उत्सुकता इस बात पर है कि BJP अपने उपमुख्यमंत्री के पद पर किसे मौका देगी। फिलहाल पार्टी के दो चेहरे—सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा—नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दोनों नेता अपने-अपने क्षेत्रों से जीतकर आए हैं—सम्राट तारापुर से और विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से।

BJP की बदलती परंपरा: हर बार नया उपमुख्यमंत्री

पिछले डेढ़ दशक में बिहार की राजनीति में एक पैटर्न बार–बार दिखा है—BJP मुख्यमंत्री भले न बदले, लेकिन उपमुख्यमंत्री के चेहरे को लगातार बदलती रही है।

यही सिलसिला अब एक बार फिर चर्चा में है—क्या BJP परंपरा अनुसार चेहरे बदलेगी या फिर इस बार निरंतरता बनाए रखेगी?

सम्राट चौधरी–विजय सिन्हा की संभावनाएँ क्यों मजबूत?

2025 के चुनाव में NDA की बड़ी जीत का श्रेय भाजपा नेतृत्व, सम्राट–विजय और नीतीश कुमार की संयुक्त रणनीति को माना जा रहा है।

ये कारक मिलकर इन दोनों की दावेदारी को मज़बूत करते हैं।

परंतु असमंजस क्यों?

BJP की हाल की परंपरा यह बताती है कि पार्टी नए चेहरे लाने से हिचकती नहीं।

जातीय समीकरण, महिला प्रतिनिधित्व—इनका बढ़ेगा महत्त्व

इस चुनाव में महिलाओं ने NDA को निर्णायक बढ़त दिलाई है। 2020 की तरह BJP चाहे तो फिर एक महिला नेता को डिप्टी सीएम बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकती है। साथ ही,

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री तो साफ है — लेकिन उपमुख्यमंत्री कौन?
इस प्रश्न का जवाब BJP आने वाले 48 घंटों में अपने सियासी गणित के मुताबिक देगी।

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