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बांग्लादेश में 5.7 तीव्रता का भूकंप, 6 की मौत, कोलकाता में तेज झटके

समग्र समाचार सेवा
कोलकाता, 21 नवंबर: शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजकर 08 मिनट पर (IST) आए एक तेज भूकंप से पूरा पूर्वी भारत और बांग्लादेश हिल गया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.7 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इसका केंद्र बांग्लादेश की राजधानी ढाका से 10 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में था। भूकंप की तीव्रता और केंद्र की निकटता के चलते बांग्लादेश में भारी नुकसान की खबरें हैं, जबकि भारत के पूर्वी हिस्सों में तेज झटके महसूस किए गए।

ढाका स्थित डीबीसी टेलीविजन की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश की राजधानी में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में तीन लोग एक इमारत की छत और दीवार ढहने से मारे गए, जबकि तीन राहगीर उस समय चपेट में आए जब इमारतों की रेलिंग गिर गई। बांग्लादेश में संपत्ति के नुकसान की खबरें भी सामने आ रही हैं।

कोलकाता में घरों से बाहर भागे लोग

भूकंप के तेज झटके कोलकाता और उसके आस-पास के इलाकों में भी महसूस किए गए। निवासियों ने बताया कि उन्होंने पंखों और दीवारों पर लटकी वस्तुओं को हिलते हुए देखा। शहर के कई हिस्सों से लोग दहशत में आकर अपने घरों, दफ्तरों और अपार्टमेंटों को खाली कर सड़कों और खुली जगहों पर आ गए।

पश्चिम बंगाल के अन्य जिले जैसे दक्षिण और उत्तर दिनाजपुर तथा कूच बिहार में भी मजबूत कंपन महसूस किया गया। इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों जैसे मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में भी धरती हिलने की सूचना मिली है।

भारत में किसी हताहत की खबर नहीं

राहत की बात यह रही कि भारत के किसी भी हिस्से से इस भूकंप के कारण किसी तरह की चोट या हताहत होने की खबर नहीं मिली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

इस क्षेत्र में भूकंप का आना कोई असामान्य बात नहीं है। अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तरी भारत दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक हैं, जहां भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं। यह क्षेत्र अक्सर मध्यम से मजबूत भूकंपों का अनुभव करता है।

पाकिस्तान में भी आया भूकंप

एनसीएस के एक बयान के अनुसार, गुरुवार को पाकिस्तान में भी 3.9 तीव्रता का भूकंप आया था। यह भूकंप 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया, जो इसे आफ्टरशॉक्स के प्रति संवेदनशील बनाता है। भूकंप विज्ञान के अनुसार, उथले भूकंप अक्सर गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक खतरनाक होते हैं, क्योंकि भूकंपीय तरंगों को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे जमीन का कंपन मजबूत होता है।

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