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हेमंत सोरेन को अब MP/MLA कोर्ट में खुद पेश होना होगा

समग्र समाचार सेवा
रांची, 26 नवंबर: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन से जुड़े मामले में हाई कोर्ट से एक सख्त आदेश का सामना करना पड़ा है। ED द्वारा जारी समन के बाद MP/MLA कोर्ट ने उन्हें 4 दिसंबर 2024 को व्यक्तिगत उपस्थिति से अस्थायी छूट प्रदान की थी, जिसके चलते वे हर सुनवाई पर स्वयं कोर्ट में उपस्थित रहने की बाध्यता से मुक्त थे।

इसी राहत को चुनौती दी गई थी, और इस चुनौती पर मंगलवार को झारखंड हाई कोर्ट में जस्टिस एके चौधरी की बेंच ने सुनवाई की। अदालत ने कहा कि निचली अदालत द्वारा दी गई यह छूट उचित नहीं थी और इस तरह की राहत के लिए कानूनी आधार स्पष्ट नहीं था।

हाई कोर्ट ने यह भी माना कि MP/MLA कोर्ट द्वारा दिया गया आदेश “अंतरिम प्रकृति” का था, लेकिन उसकी वजह से ED समन से जुड़े मामले में अदालत की प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। इसलिए हाई कोर्ट ने निचली अदालत का आदेश पूरी तरह निरस्त करते हुए साफ कहा कि सीएम को किसी भी तरह की व्यक्तिगत उपस्थिति छूट नहीं दी जा सकती।

अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि मामले की गंभीरता और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की जिम्मेदारी को देखते हुए, अब आगे की सुनवाई में स्वयं मुख्यमंत्री की मौजूदगी अनिवार्य होगी।

हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद अब 28 नवंबर को आने वाली अगली तारीख पर हेमंत सोरेन को MP/MLA कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होना ही होगा। यह फैसला ED समन विवाद पर एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि अब मामले की सुनवाई सीधे मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आगे बढ़ेगी।

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