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इमरान खान की हत्या का दावा: बलूचिस्तान के ‘विदेश मंत्रालय’ का सनसनीखेज आरोप

समग्र समाचार सेवा
रावलपिंडी, 26 नवंबर: पाकिस्तान की राजनीति में भूचाल लाने वाली एक खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। ‘बलूचिस्तान विदेश मंत्रालय’ (Ministry of Foreign Affairs Baluchistan) नामक एक सोशल मीडिया हैंडल ने दावा किया है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की जेल के भीतर हत्या कर दी गई है। हालांकि, इस खबर की अभी तक किसी भी मुख्यधारा के मीडिया या आधिकारिक सरकारी स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने इंटरनेट पर खलबली मचा दी है।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बलूचिस्तान के अलगाववादी समूहों से जुड़े माने जाने वाले इस सोशल मीडिया अकाउंट ने एक पोस्ट में लिखा कि रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान खान की हत्या कर दी गई है। पोस्ट में सीधे तौर पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और खुफिया एजेंसी ISI (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) पर इस साजिश को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। दावे में कहा गया है कि यदि यह खबर सच साबित होती है, तो यह पाकिस्तान के लिए एक निर्णायक मोड़ होगा और देश में गृहयुद्ध जैसे हालात बन सकते हैं।

अफवाह या सच्चाई?

फिलहाल, इस खबर को पूरी तरह से अपुष्ट (Unverified) माना जा रहा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय या जेल प्रशासन ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अतीत में भी इमरान खान की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कई बार फर्जी खबरें (Fake News) फैलाई जा चुकी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह पाकिस्तान में चल रहे राजनीतिक तनाव और बलूचिस्तान में जारी संघर्ष के बीच अराजकता फैलाने की एक कोशिश हो सकती है।

इमरान खान की सुरक्षा पर चिंता

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और उन पर 150 से अधिक मुकदमे चल रहे हैं। हाल ही में उनकी पार्टी PTI ने ‘फाइनल कॉल’ नाम से एक बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया था, जिसके बाद से तनाव अपने चरम पर है। इमरान खान की बहनों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने कई बार आरोप लगाया है कि जेल में उन्हें ठीक से नहीं रखा जा रहा है और उनकी जान को खतरा है। ऐसे में, इस तरह की खबर ने उनके समर्थकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।

पाकिस्तान में मौजूदा हालात

पाकिस्तान इस समय गंभीर राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। एक तरफ इमरान खान के समर्थक सड़कों पर हैं, तो दूसरी तरफ बलूचिस्तान में विद्रोह की आग भड़की हुई है। अगर इस दावे में जरा भी सच्चाई होती है, तो पाकिस्तान में हिंसा का एक नया दौर शुरू हो सकता है। हालांकि, जब तक PTI नेतृत्व या वकीलों की तरफ से कोई बयान नहीं आता, तब तक इसे एक अफवाह के तौर पर ही देखा जा रहा है।

 

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