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दिल्ली ब्लास्ट केस: NIA को कमरा नंबर-22 से 18 लाख कैश मिला

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 नवंबर: दिल्ली ब्लास्ट केस में NIA को एक बड़ा सुराग मिला है। एजेंसी ने डॉक्टर शाहीन के कमरे नंबर-22 की अलमारी से 18 लाख रुपये कैश जब्त किए। पैसा एक साधारण पॉलीथिन बैग में छुपाकर रखा गया था।
इसके बाद NIA ने कैश-ट्रेल की जांच और तेज कर दी है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि शाहीन के पास इतनी बड़ी रकम आई कैसे।

ब्रेज़ा कार की खरीद पर भी सवाल

जांच में यह भी सामने आया कि शाहीन ने 25 सितंबर को ब्रेज़ा कार कैश में खरीदी।
इसी वजह से एजेंसी उनकी आमदनी और संदिग्ध लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है। इसके अलावा टीम यह भी देख रही है कि क्या यह रकम आतंकी गतिविधियों से जुड़ी हुई थी।

मुजम्मिल के कबूलनामे से खुली साजिश

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल का नेटवर्क सामने आता गया।
डॉ. मुजम्मिल ने पूछताछ में बताया कि उसकी मुलाकात शाहीन से अल फलाह यूनिवर्सिटी में हुई थी। दोनों एक-दूसरे के करीब आए और 2023 में निकाह कर लिया।
इसके अलावा उसने यह भी माना कि शाहीन उसे बेहद प्रभावित करती थी और वह उसके कहने पर हर चीज करने को तैयार था।

दो नए किराए के ठिकानों का खुलासा

जांच के दौरान NIA को मुजम्मिल के दो नए ठिकाने मिले।
पहला ठिकाना फतेहपुर टागा में और दूसरा खोरी जमालपुर गांव में था।
वह खुद को “कश्मीरी फल व्यापारी” बताकर वहां तीन महीने तक रहा। इसके बाद उसने “बहुत गर्मी होने” का बहाना बनाकर मकान खाली कर दिया।

विस्फोटक छुपाने की योजना

जांच में यह भी पता चला कि उसने लगभग 12 दिनों तक बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री एक किसान की जमीन पर बने कमरे में छुपाई। बाद में उसने यह सामग्री फतेहपुर टागा में मौलवी इश्तियाक के घर शिफ्ट कर दी।
इस वजह से NIA अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

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