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भारत के एयरपोर्टों पर अफरातफरी: इंडिगो की उड़ानें लगातार रद्द, हजारों यात्री बेहाल

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4 दिसंबर:भारत के प्रमुख शहरों—दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद—में पिछले तीन दिनों से एयरपोर्ट पर अभूतपूर्व अव्यवस्था देखने को मिल रही है। इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द और देरी से चलते हुए यात्रियों की परेशानी चरम पर पहुँच गई।
केवल तीन दिनों में 400 से अधिक फ्लाइटें रद्द करनी पड़ीं और गुरुवार को ही 170 उड़ानें रद्द होने की पुष्टि हुई। बुधवार को दोपहर तक देशभर में लगभग 200 उड़ानें रद्द हुई थीं।

12–14 घंटे का इंतजार, एयरपोर्ट पर हाहाकार

हजारों यात्रियों को बिना किसी स्पष्ट सूचना के लगातार 12–14 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ आए यात्रियों ने बताया कि इंडिगो की ओर से बस “थोड़ा इंतजार करें, स्टाफ आ रहा है” जैसी जानकारी मिलती रही।
हैदराबाद एयरपोर्ट पर एक यात्री 15 घंटे तक फंसा रहा। उसने बताया कि वह 3 दिसंबर की शाम 6 बजे पहुंचा था, लेकिन 4 दिसंबर सुबह 9 बजे तक भी उसकी उड़ान का कोई अता–पता नहीं था।

5 शहरों की स्थिति — किस एयरपोर्ट पर कितना संकट?

बेंगलुरु एयरपोर्ट: 73 इंडिगो फ्लाइटें रद्द

दिल्ली एयरपोर्ट: 30 उड़ानें रद्द, बैगेज सिस्टम फेल से और अव्यवस्था

हैदराबाद एयरपोर्ट: 33 उड़ानें रद्द, 12–15 घंटे तक फंसे यात्री

मुंबई एयरपोर्ट: हजारों की भीड़, बड़े पैमाने पर देरी और रद्द उड़ानें

अहमदाबाद एयरपोर्ट: कई उड़ानें कैंसल, री-शेड्यूल की लंबी लिस्ट

इंडिगो की OTP 19.7% तक गिर गई – अभूतपूर्व गिरावट

इंडिगो, जिसकी पहचान समय पर उड़ान भरने (OTP) के लिए होती है, उसकी OTP लगातार गिरकर सिर्फ 19.7% रह गई।
2 दिसंबर को इंडिगो की केवल 35% उड़ानें ही समय पर थीं,
3 दिसंबर को यह आंकड़ा 20% पर आ गया।
यह इंडिगो के संचालन इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट में से एक मानी जा रही है।

क्रू की भारी कमी और नए FDTL नियम संकट का बड़ा कारण

एयरलाइन पिछले एक महीने से नए FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियमों के कारण गहरी स्टाफ कमी का सामना कर रही है।
DGCA द्वारा लागू किए गए इन नियमों के अनुसार—

इन सभी पर कड़े मानक लागू हुए हैं, ताकि क्रू की थकान और सुरक्षा से जुड़े जोखिम कम हों।
लेकिन नए नियम लागू होने के बाद अचानक क्रू प्लानिंग बिगड़ गई और ड्यूटी शेड्यूल में भारी दबाव बढ़ गया।

क्या है FDTL – सरल भाषा में?

यह नियम उड़ान क्रू को यह सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं कि वे अत्यधिक काम से थके न हों।
ये तय करते हैं कि—

इंडिगो के मुताबिक नए नियम लागू होने के बाद अचानक क्रू उपलब्धता अत्यधिक प्रभावित हुई।

एयरलाइन स्टाफ कमी से जूझती रही, कई उड़ानें क्रू के बिना रद्द

एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि इंडिगो कई उड़ानों के लिए केबिन क्रू ही उपलब्ध नहीं कर पा रही थी, इसलिए उड़ानें सीधा रद्द करनी पड़ीं।
कई बार पायलट उपलब्ध था लेकिन केबिन क्रू नहीं, और कई बार उल्टा।
एयरलाइन क्रू को अलग-अलग शहरों में भेजकर स्थिति संभालने की कोशिश करती रही, लेकिन कमी इतनी गंभीर थी कि हालात बिगड़ते चले गए।

तकनीकी दिक्कतें और मौसम भी संकट को बढ़ा गए

इंडिगो ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सिर्फ स्टाफ की कमी ही नहीं, बल्कि,

इन सब कारणों ने भी उड़ानों को प्रभावित किया।
दिल्ली एयरपोर्ट पर बैगेज मैसेजिंग सिस्टम फेल होने से यात्रियों में और नाराज़गी देखी गई।

इंडिगो का 48 घंटे का नया शेड्यूल — स्थिति सामान्य करने की कोशिश

एयरलाइन ने कहा कि अगले 48 घंटों के लिए शेड्यूल में बदलाव किया जा रहा है ताकि

क्रू पर दबाव कम हो

उड़ानें सुनियोजित तरीके से संचालित हों

यात्रियों की परेशानी कम हो सके

प्रभावित यात्रियों को

भारत का सबसे व्यस्त यात्रा समय — समस्या और गंभीर हुई

यह संकट ऐसे समय में आया है जब देश में रोजाना 5 लाख से अधिक घरेलू यात्री हवाई सफर कर रहे हैं।
इंडिगो के पास घरेलू मार्केट का 60% से अधिक हिस्सा है।
जब इतनी बड़ी एयरलाइन की उड़ानें प्रभावित होती हैं, तो इसका असर पूरे देश की उड़ान व्यवस्था पर पड़ता है।
इसीलिए रद्दीकरण का रिपल इफेक्ट कई दिनों तक चलता रहा।

DGCA ने इंडिगो को तलब किया, विस्तृत रिपोर्ट मांगी

DGCA ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इंडिगो को मुख्यालय बुलाया है और ऑपरेशनल प्लान की पूरी जानकारी मांगी है।
नियमक संस्था ने एयरलाइन को निर्देश दिया है कि—

इसके अलावा नए FDTL नियमों का पालन करते हुए क्रू की उपलब्धता सुनिश्चित करने की गाइडेंस भी दी गई है।

नवंबर में 1,232 उड़ानें रद्द, आधिकारिक आंकड़े चौंकाते हैं

DGCA के अनुसार नवंबर में ही इंडिगो ने 1,232 उड़ानें रद्द कीं।
इनमें से,

ये आंकड़े बताते हैं कि इंडिगो पिछले एक महीने से लगातार बढ़ते दबाव में काम कर रही थी और दिसंबर की शुरुआत में स्थिति और बिगड़ गई।

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