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हॉर्नबिल उत्सव में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया; तीन देश बने पार्टनर

समग्र समाचार सेवा
कोहिमा, नगालैंड | 07 दिसंबर:केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने नगालैंड के विश्वप्रसिद्ध हॉर्नबिल उत्सव में भाग लिया। अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने राज्य की 17 जनजातियों की अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का अनुभव किया।
उन्होंने कहा, “नगालैंड और इसकी 17 जनजातियों से मेरा संबंध हृदय से जुड़ा है। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की वह आशा और संकल्प लेकर आया हूँ, जो पूर्वोत्तर को भारत का पहला वैश्विक द्वार बनाने की दिशा में परिवर्तन ला रहा है।”


हॉर्नबिल उत्सव—तीन देशों का वैश्विक सहयोग

किसामा हेरिटेज विलेज में आयोजित हॉर्नबिल उत्सव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तेजी से वैश्विक पहचान प्राप्त कर रहा है।
इस वर्ष स्विट्ज़रलैंड, आयरलैंड और यूनाइटेड किंगडम पहली बार पार्टनर देशों के रूप में जुड़े हैं—यह पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक समृद्धि को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

उत्सव में—

जैसी गतिविधियाँ शामिल रहीं। आयोजन की मूल भावना—समुदाय-आधारित सांस्कृतिक संरक्षण—इस बार भी प्रमुख रही।

कारीगरों, उद्यमियों और कलाकारों से गहरा संवाद

सिंधिया ने तूपेमा गाँव के रीजनल क्राफ्ट एंड रिसोर्स सेंटर में महिला कारीगरों से बातचीत की। उन्होंने—

एक स्थानीय कॉफी फार्म में उन्होंने ताज़ी कॉफी, नागा दाल और युवाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों का अनुभव किया। मुख्यमंत्री नेफियू रियो के साथ पारंपरिक कॉफी बनाने की प्रक्रिया में भी वे शामिल हुए।

शाम को उन्होंने अंगामी, चाखेसांग और कोन्याक मोरुंगों का दौरा किया और हॉर्नबिल हस्तशिल्प बाजार में कारीगर महिलाओं से मुलाकात की।

परंपरा का सम्मान—अंगामी पत्थर-खींच समारोह में भागीदारी

दौरे के दौरान मंत्री ने तूपेमा गाँव में आयोजित प्रसिद्ध अंगामी पत्थर-खींच समारोह में हिस्सा लिया।
सिंधिया ने इसे समुदाय की एकता, सहयोग और सामूहिक भावना का प्रतीक बताया।

₹650 करोड़ का विकास पैकेज—पूर्वोत्तर के लिए व्यापक प्रगति

दोपहर में उन्होंने लगभग ₹650 करोड़ के विकास पैकेज का अनावरण किया, जिसमें—

शामिल हैं। ये योजनाएँ स्वास्थ्य, खेल, ऊर्जा, शिक्षा, नवाचार, सड़क संपर्क और अन्य बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।

उन्होंने कहा कि—

“पूर्वोत्तर के लिए हवाई अड्डों, राजमार्गों, संचार और सीमा संपर्क जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व गति से विकास हो रहा है। केवल नगालैंड में ही लगभग ₹650 करोड़ की परियोजनाएँ राज्य को नई दिशा देंगी। हम मुख्यमंत्री नेफियू रियो के साथ मिलकर जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।”

पूर्वोत्तर—प्रधानमंत्री की ‘अष्टलक्ष्मी’

मंत्री ने दोहराया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘अष्टलक्ष्मी’ के रूप में सम्मानित पूर्वोत्तर आज देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अग्रणी है।
युवा, ऊर्जा और उद्यमिता से भरपूर यह क्षेत्र अब राष्ट्रीय और वैश्विक प्रगति के केंद्र में खड़ा है।

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