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बाबरी मुद्दे की सरगर्मी के बीच हुमायूं कबीर का बड़ा राजनीतिक दांव, 22 दिसंबर को नई पार्टी का एलान;

समग्र समाचार सेवा
मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल | 07 दिसम्बर: बाबरी मस्जिद शिलान्यास कार्यक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत में नई हलचल दिखाई दे रही है। तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता हुमायूं कबीर ने एक बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा है कि वह 22 दिसम्बर को अपनी नई पार्टी की स्थापना करेंगे और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ औपचारिक गठबंधन करेंगे।

एनडीटीवी से बातचीत में कबीर ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में आयोजित बाबरी मस्जिद शिलान्यास कार्यक्रम में लगभग 8 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह भीड़ बिना किसी विशेष पुलिस सहायता के जुटी और इससे यह स्पष्ट है कि लोग बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर बेहद भावुक और सक्रिय हैं।

कबीर ने यह भी कहा कि देश भर की उद्योग जगत से उन्हें सहयोग मिलेगा और भारतीय मुसलमानों के आर्थिक सहयोग से बाबरी मस्जिद निर्माण में कोई बाधा नहीं आएगी। बातचीत के दौरान वह भाजपा और तृणमूल कांग्रेस, दोनों पर हमलावर रहे। उन्होंने दावा किया कि वह बंगाल में भाजपा को सत्ता में नहीं आने देंगे और तृणमूल कांग्रेस अगली बार सरकार नहीं बना पाएगी।

आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कबीर ने कहा कि उनकी नई पार्टी 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी और वह “बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव” साबित होंगे। उन्होंने कहा कि वे एआईएमआईएम के संपर्क में हैं और ओवैसी से उनकी बातचीत हो चुकी है।

इधर, बेलडांगा में बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए ईंट और नकदी दान करने वालों की लम्बी कतारें लग गईं, जिसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर घंटों जाम लगा रहा। स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि इस माहौल का असर टीएमसी के अल्पसंख्यक वोट बैंक पर साफ़ दिखाई देगा।

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