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यह एक आपदा है, ममता बनर्जी ने इंडिगो मामले पर बीजेपी पर निशाना साधा

समग्र समाचार सेवा
कोलकाता,08 दिसम्बर: देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो के गहराते परिचालन संकट ने सोमवार को देशभर की हवाई सेवाओं को लगभग ठप-सा कर दिया। इसी मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि “यह पूरी तरह से एक डिज़ास्टर है। आम लोगों को किसी तरह का विकल्प नहीं मिल रहा, हजारों यात्री हवाईअड्डों पर फंसे हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।”

कोलकाता में मीडिया से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि सात दिनों से जारी फ्लाइट अव्यवस्था ने जनता को बेहाल कर दिया है। उन्होंने केंद्र से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। “मैं सरकार से अपील करती हूँ कि समाधान की ठोस योजना बनाए। बीजेपी सरकार को देश और जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं, इन्हें सिर्फ संस्थानों पर कब्ज़ा करने की चिंता रहती है,” उन्होंने आरोप लगाया।

सोमवार को दिल्ली और बेंगलुरु से ही 250 से अधिक इंडिगो सेवाएँ रद्द रहीं—दिल्ली में 134 और बेंगलुरु में 117 उड़ानें नहीं उड़ पाईं। मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में भी यात्रियों को घंटों कतारों और रिबुकिंग की अनिश्चितता का सामना करना पड़ा।

इंडिगो लंबे समय से पायलटों की भारी कमी और नए ड्यूटी-टाइम नियमों से जूझ रही है। स्थिति बिगड़ने पर डीजीसीए ने सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ इसिड्रो पोरकेरस को शो-कॉज नोटिस भेजा है और प्लानिंग व संसाधन प्रबंधन में “गंभीर चूक” पर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। एयरलाइन ने शुक्रवार को रिकॉर्ड 1,600 उड़ानें रद्द की थीं, जिसके बाद एल्बर्स को सार्वजनिक माफी तक मांगनी पड़ी।

इस बीच मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुँच गया है। दाखिल जनहित याचिका में दावा किया गया है कि हवाईअड्डों पर यात्रियों की स्थिति ‘अमानवीय’ हो चुकी है कई को मदद, भोजन या समय पर रिफंड तक नहीं मिल रहे। अदालत ने बुधवार को विस्तृत सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध कर दिया है।

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