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काशी तमिल संगमम् वाराणसी के 50 स्कूलों में तमिल शिक्षकों ने शुरू की भाषा कक्षाएं

समग्र समाचार सेवा
वाराणसी, 10 दिसंबर: काशी-तमिल संगमम् 4.0 के अंतर्गत शुरू की गई पहल ‘तमिल करकलाम’ (आइए तमिल सीखें) के तहत वाराणसी जिले के 50 स्कूलों में तमिल भाषा की विशेष कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। तमिलनाडु से आए 50 शिक्षकों को विभिन्न सरकारी, निजी और कॉन्वेंट स्कूलों में नियुक्त किया गया है, जहां वे छात्रों को तमिल भाषा की बुनियादी जानकारी दे रहे हैं।

इन कक्षाओं में दो अलग-अलग पालियों में छात्रों को तमिल पढ़ाई जा रही है। बच्चों को तमिल वर्णमाला, स्वर और व्यंजन के साथ-साथ दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले सरल वाक्य जैसे-आपका नाम क्या है?, आप किस स्कूल में पढ़ते हैं? मेरा नाम है का तमिल उच्चारण सिखाया जा रहा है।

इसके तहत शिक्षकों के एक दल ने बंगाली टोला इंटर कॉलेज में करीब दो घंटे की विशेष कक्षा भी आयोजित की। छात्रों ने बताया कि उनके क्षेत्र में तमिलनाडु से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में यदि वे तमिल भाषा सीख लेते हैं, तो उनसे संवाद करना आसान होगा और वे उनकी बातों को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय की इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर आयोजित काशी-तमिल संगमम् उत्तर और दक्षिण भारत के सांस्कृतिक संगम का अनूठा उदाहरण बन चुका है। प्रतिभागियों का कहना है कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना इस आयोजन में स्पष्ट रूप से प्रकट होती है।

2 दिसंबर से चल रहा यह दो-सप्ताह का कार्यक्रम तमिलनाडु और काशी के बीच सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंधों को मजबूत कर रहा है। इस आयोजन में तमिलनाडु से आए 1,400 से अधिक प्रतिनिधि—छात्र, शिक्षक, लेखक, मीडिया प्रतिनिधि, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के विशेषज्ञ, पेशेवर, शिल्पकार, महिलाएं और आध्यात्मिक विद्वान—सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

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