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संसद के शीतकालीन सत्र का आज अंतिम दिन

संसद के शीतकालीन सत्र का आज अंतिम दिन

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 19 दिसंबर: संसद के शीतकालीन सत्र का अंतिम दिन आज है और इसी के साथ लोकसभा व राज्यसभा की कार्यवाही समाप्त होने जा रही है। बीते दो हफ्तों में सरकार ने अपने विधायी एजेंडे के तहत कई अहम कानून पारित कराए, जबकि विपक्ष ने इन विधेयकों को बहुमत के बल पर बिना पर्याप्त चर्चा के पारित कराने का आरोप लगाया है। आज भी दोनों सदनों में कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्य सूचीबद्ध हैं।

इस सत्र के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा विकसित भारत–जी राम जी विधेयक को लेकर रही, जिसे मनरेगा की जगह लाया गया है। यह विधेयक लोकसभा और राज्यसभा दोनों से पारित हो चुका है। लोकसभा में इस पर हुई चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने इसे गरीब, किसान और मजदूरों के हितों के खिलाफ बताया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में जवाब देते हुए कहा कि महात्मा गांधी का नाम योजना से हटाने का आरोप गलत है। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत में गांधी जी का नाम शामिल नहीं था और वर्ष 2009 में चुनावी कारणों से नरेगा का नाम मनरेगा किया गया। मंत्री ने यह भी कहा कि यूपीए सरकार के दस साल के कार्यकाल में जहां इस योजना पर 2.13 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, वहीं मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

वहीं विपक्षी दलों ने संसद के भीतर और बाहर विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि संसद में चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई। विपक्षी नेताओं ने संकेत दिया है कि वे इन मुद्दों को लेकर आगे भी आंदोलन करेंगे।
आज शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा में सभापति सीपी राधाकृष्णन सदन के कामकाज की विस्तृत जानकारी पेश करेंगे। इसके बाद संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी।

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