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आर्थिक बदहाली में डूबे पाकिस्तान को चीन कर रहा है हथियारों से लैस

आर्थिक बदहाली में डूबे पाकिस्तान को चीन कर रहा है हथियारों से लैस

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 26 दिसंबर:  पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था और चीन के साथ बढ़ते सैन्य रिश्तों को लेकर अमेरिकी रक्षा विभाग की एक ताजा रिपोर्ट ने चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारी आर्थिक संकट से गुजर रहा पाकिस्तान चीन से हथियार खरीदने वाला उसका सबसे बड़ा ग्राहक बन चुका है।

चीन बना दुनिया का बड़ा हथियार निर्यातक

पेंटागन की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2024 तक चीन हथियार निर्यात के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश था। इस दौरान पाकिस्तान चीन के लिए सबसे अहम खरीदार के रूप में उभरा। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि चीन अपनी वैश्विक रणनीति के तहत चुनिंदा देशों को हथियार आपूर्ति के जरिए अपने प्रभाव क्षेत्र में ला रहा है।

कर्ज पर चलती अर्थव्यवस्था, लेकिन रक्षा पर भारी खर्च

जिस पाकिस्तान को अपने बजट घाटे और महंगाई से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की मदद लेनी पड़ती है, वही देश अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों और सैन्य साजो-सामान पर अरबों रुपये खर्च कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सैन्य खरीदारी का सीधा असर पाकिस्तान की पहले से कमजोर आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।

सरकारी कंपनियों के जरिये चीन की रणनीति

रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन की हथियार आपूर्ति मुख्य रूप से उसकी सरकारी रक्षा कंपनियों के माध्यम से की जा रही है। एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना और नॉर्थ इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन जैसी संस्थाएं इस निर्यात नीति की रीढ़ हैं। चीन हथियार सौदों को अपनी विदेश नीति और वैश्विक विकास परियोजनाओं से जोड़कर आगे बढ़ा रहा है।

बेल्ट एंड रोड से जुड़ा सैन्य विस्तार

पेंटागन का आकलन है कि चीन हथियार निर्यात को बेल्ट एंड रोड ढांचे के साथ जोड़कर देख रहा है। आसान भुगतान शर्तें और लचीले वित्तीय समझौते विकासशील देशों को आकर्षित करने का जरिया बन रहे हैं। पाकिस्तान इस रणनीति का सबसे प्रमुख उदाहरण माना गया है।

J-10C लड़ाकू विमान: पाकिस्तान को विशेष प्राथमिकता

रिपोर्ट के अनुसार, J-10C लड़ाकू विमान का निर्यात अब तक केवल पाकिस्तान को ही किया गया है। वर्ष 2020 में किए गए समझौते के तहत मई 2025 तक पाकिस्तान वायु सेना को 20 विमान सौंपे जा चुके थे, जबकि कुल ऑर्डर 36 विमानों का है।
हालांकि कई अन्य देशों ने इस विमान में रुचि दिखाई, लेकिन चीन ने अभी तक किसी और को यह फाइटर जेट नहीं दिया है।

राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व पर उठे सवाल

विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान की प्राथमिकताएं साफ दिखाई देती हैं। देश में महंगाई, बेरोजगारी और कर्ज का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन सरकार और सेना का ध्यान सैन्य ताकत बढ़ाने पर केंद्रित है।

कुल मिलाकर, पेंटागन की यह रिपोर्ट न केवल चीन-पाकिस्तान सैन्य गठजोड़ को उजागर करती है, बल्कि दक्षिण एशिया की सुरक्षा और पाकिस्तान की आंतरिक स्थिरता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

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