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राबड़ी देवी पर सरकारी तहखाने में संपत्ति छिपाने का आरोप

राबड़ी देवी पर तहखाने में संपत्ति छिपाने का आरोप

समग्र समाचार सेवा
पटना | 26 दिसंबर: बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरकारी आवास को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। जनता दल (यूनाइटेड) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम पर पहले से आवंटित सर्कुलर रोड स्थित 10 नंबर आवास को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि इस आवास परिसर में भूमिगत संरचनाएं मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल महत्वपूर्ण दस्तावेजों और कीमती वस्तुओं को छिपाने के लिए किया गया।

सरकार से जाँच में कार्रवाई की मांग

नीरज कुमार ने कहा कि जब यह आवास पूरी तरह खाली हो जाए, तब सरकार को उसके कुछ हिस्सों की जाँच में खुदाई करानी चाहिए। उनके मुताबिक, आवास खाली करने में हो रही देरी सामान्य नहीं है और इसके पीछे तहखानों से सामान हटाने की प्रक्रिया हो सकती है, जिसकी जाँच जरूरी है।

निगरानी व्यवस्था का हवाला

जदयू प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि पटना नगर निगम की ओर से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के कारण आवास से बाहर ले जाए जा रहे सामान की संख्या और मात्रा जाँच में दर्ज हो रही है। इसी वजह से सामान हटाने की प्रक्रिया धीमी बताई जा रही है।

आवास नीति में बदलाव

उल्लेखनीय है कि यह आवास राबड़ी देवी को पूर्व मुख्यमंत्री होने के आधार पर आवंटित किया गया था। बाद में राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से जुड़ी आवास नीति में संशोधन किया। वर्तमान में राबड़ी देवी विधान परिषद में विपक्ष की नेता हैं और इसी पद के अनुरूप उन्हें हार्डिंग रोड स्थित 39 नंबर आवास आवंटित किया गया है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

नीरज कुमार ने राजद की उस दलील को खारिज किया, जिसमें सरकार पर दबाव बनाकर आवास खाली कराने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ नियमों के अनुसार है, तो जाँच में किसी तरह की आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

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