समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 1 जनवरी: नए वर्ष के पहले दिन राजधानी दिल्ली में सरकार समर्थित सहकारी टैक्सी सेवा भारत टैक्सी की औपचारिक शुरुआत हो गई है। यह सेवा निजी टैक्सी कंपनियों के एकाधिकार को तोड़ने और आम नागरिकों को सस्ती, सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा सुविधा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
भारत टैक्सी को सहकारी व्यवस्था पर आधारित सेवा के रूप में शुरू किया गया है, जिसमें टैक्सी चालकों की भागीदारी और आय को प्राथमिकता दी गई है। लंबे समय से निजी टैक्सी कंपनियों की मनमानी किराया व्यवस्था और चालकों से की जा रही कटौती की शिकायतों के बीच भारत टैक्सी को एक मजबूत विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
चालक-स्वामित्व पर आधारित व्यवस्था
भारत टैक्सी को दुनिया के सबसे बड़े चालक-स्वामित्व वाले नेटवर्क के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस सेवा से दिल्ली और गुजरात में कार, ऑटो और दोपहिया वाहन श्रेणी को मिलाकर 56 हजार से अधिक चालक जुड़े हुए हैं।
सहकारी मॉडल के तहत चालकों को न केवल अधिक आमदनी का अवसर मिलेगा, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी उनकी भूमिका सुनिश्चित की गई है। इससे टैक्सी चालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार
फिलहाल यह सेवा पूरे देश में लागू नहीं की गई है। नए वर्ष से इसकी शुरुआत दिल्ली में की गई है और इसके बाद अन्य राज्यों में इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में यह सेवा देशभर में विस्तार लेगी।
आवेदन के लिए डिजिटल माध्यम
भारत टैक्सी सेवा का उपयोग करने के लिए यात्रियों और चालकों दोनों के लिए अलग-अलग डिजिटल अनुप्रयोग उपलब्ध कराए गए हैं। यात्रियों को यात्रा बुक करने के लिए यात्री अनुप्रयोग और सेवा से जुड़ने के इच्छुक चालकों को चालक अनुप्रयोग का उपयोग करना होगा।
ये दोनों अनुप्रयोग केवल सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किए गए आधिकारिक माध्यम से ही प्राप्त करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की ठगी या भ्रम से बचा जा सके।
टैक्सी क्षेत्र में बड़ा बदलाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत टैक्सी अपने दावों पर खरी उतरती है, तो यह निजी टैक्सी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। साथ ही, यह सेवा टैक्सी क्षेत्र में किराया, सुरक्षा और चालक हितों को लेकर एक नया संतुलन स्थापित कर सकती है।

