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भारत को वैश्विक एआई महाशक्ति बनाने की पहल, स्टार्ट-अप्स संग पीएम मोदी का मंथन

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 8 जनवरी: भारत को उभरती तकनीकों में अग्रणी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र से जुड़े स्टार्ट-अप्स के साथ रणनीतिक बैठक की। यह बैठक प्रधानमंत्री आवास, लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित हुई, जहां देश में जिम्मेदार और समावेशी तकनीकी विकास को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया।

नवाचार की झलक, भारतीय जरूरतों पर फोकस

बैठक में शामिल स्टार्ट-अप्स ने भारतीय भाषाओं पर आधारित मूल मॉडल, बहुभाषी बड़े भाषा तंत्र, वाणी से पाठ रूपांतरण, दृश्य–श्रव्य सामग्री निर्माण, अभियांत्रिकी विश्लेषण, सामग्री विज्ञान, उन्नत डेटा अध्ययन तथा स्वास्थ्य जांच और चिकित्सीय अनुसंधान से जुड़े समाधान प्रस्तुत किए। इन तकनीकों का उद्देश्य भारतीय सामाजिक और आर्थिक जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित करना बताया गया।

भारत बन रहा है वैश्विक तकनीकी केंद्र

स्टार्ट-अप प्रतिनिधियों ने कहा कि उपलब्ध कुशल मानव संसाधन, मजबूत डिजिटल ढांचा और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों के कारण भारत तेजी से कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकास का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बन रहा है। उन्होंने सरकार की सक्रिय भूमिका को इस बदलाव का मुख्य कारण बताया।

प्रधानमंत्री का स्पष्ट संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अपनी तकनीकी पहचान खुद गढ़नी होगी, जिसमें नैतिकता, पारदर्शिता और नागरिकों की डेटा सुरक्षा सर्वोपरि हो। उन्होंने स्थानीय भाषाओं और भारतीय संदर्भों पर आधारित तकनीक विकसित करने का आह्वान किया, ताकि देश के हर वर्ग तक आधुनिक तकनीक की पहुँच सुनिश्चित हो सके।

सरकार–स्टार्ट-अप साझेदारी पर जोर

प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर स्तर पर सहयोग देगी। बैठक में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित रहे।

बैठक में अवतार, भारतजेन, फ्रैक्टल, गैन, जेनलूप, ज्ञानि, इंटेलिहेल्थ, सर्वम, शोध एआई, सॉकेट एआई, टेक महिंद्रा और जेनटिक जैसे स्टार्ट-अप्स के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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