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युवा शक्ति के भरोसे रफ्तार पकड़ चुकी है ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’: प्रधानमंत्री मोदी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली। 13 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए गुलामी की सोच से बाहर निकलना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की प्रगति उसकी अपनी विरासत, विचार और आत्मविश्वास पर टिकी है, न कि दूसरों की नकल पर।

सुधारों की रफ्तार और युवा नेतृत्व

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में शुरू किए गए नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स अब एक तेज़ रफ्तार अभियान का रूप ले चुके हैं, जिसे उन्होंने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ बताया। इस बदलाव की धुरी देश का युवा वर्ग है, जो नए विचारों और नवाचार के साथ हर क्षेत्र में बदलाव ला रहा है।

रचनात्मकता में भारतीय पहचान

उन्होंने कहा कि कंटेंट और क्रिएटिव इंडस्ट्री में भारतीय युवाओं के पास असीम संभावनाएं हैं। हमारी परंपराएं, कथाएं और सांस्कृतिक धरोहर वैश्विक मंच पर नए रूप में प्रस्तुत की जा सकती हैं, जिससे भारत की सॉफ्ट पावर और मजबूत होगी।

आत्मनिर्भरता की बुनियाद आत्मविश्वास

प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने के लिए आत्मविश्वास जरूरी है। अपनी क्षमताओं, संसाधनों और विरासत पर गर्व किए बिना कोई भी देश लंबे समय तक प्रगति नहीं कर सकता।

विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन युवाओं को आत्मगौरव और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। आज की पीढ़ी को उसी भावना के साथ आगे बढ़ना होगा।

2047 की ओर भारत की यात्रा

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक का समय देश और युवाओं—दोनों के लिए निर्णायक है। युवाओं की ऊर्जा, संकल्प और सफलता ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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