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भारत ने लॉन्च किया दुनिया का पहला एआई-आधारित बाल सुरक्षा टूल ‘रक्षा’

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14 जनवरी : भारत ने बच्चों की सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दुनिया का अपनी तरह का पहला एआई-आधारित टूल ‘रक्षा’ लॉन्च किया है। यह टूल बच्चों की ट्रैफिकिंग, बाल विवाह और बाल यौन शोषण व दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री (सी-सीम) की रोकथाम के लिए विकसित किया गया है। ‘रक्षा’ को भारत सरकार के इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले आधिकारिक प्री-समिट कार्यक्रम ‘प्रॉस्पेरिटी फ्यूचर्स: चाइल्ड सेफ्टी टेक समिट’ में लॉन्च किया गया।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने इस टूल का अनावरण करते हुए कहा कि तकनीक का वास्तविक मूल्यांकन समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग—बच्चों—की सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि एआई और डिजिटल दुनिया बच्चों के लिए सुरक्षित, समावेशी और सशक्त होनी चाहिए।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी)

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) द्वारा विकसित ‘रक्षा’ एक अत्याधुनिक एआई प्लेटफॉर्म है, जो देशभर से प्राप्त बच्चों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण कर जोखिम वाले क्षेत्रों, संवेदनशील समुदायों और उभरते अपराध पैटर्न की पहचान करता है। यह टूल रियल-टाइम मैपिंग, पूर्वानुमान आधारित चेतावनी और निगरानी के जरिए अपराध होने से पहले ही हस्तक्षेप को संभव बनाता है।

जेआरसी के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा कि ‘रक्षा’ भारत को बाल संरक्षण में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने वाला कदम है। यह आंकड़ों को कार्रवाई में बदलकर न्याय तक पहुंच, सेवाओं की गुणवत्ता और बच्चों के सुरक्षित भविष्य को मजबूत करता है।

सांसद लावू श्रीकृष्ण देवरायलु ने कहा कि एआई केवल प्रतिक्रिया का साधन नहीं, बल्कि रोकथाम का सशक्त माध्यम है। यह जोखिमों का पूर्वानुमान लगाकर नुकसान होने से पहले ही हस्तक्षेप संभव बनाता है, जो एक नैतिक अनिवार्यता है।

‘रक्षा’

‘रक्षा’ तीन लक्षित टूल्स के माध्यम से काम करता है—पहला, आर्थिक असुरक्षा को कम कर बाल विवाह की रोकथाम; दूसरा, ट्रैफिकिंग जैसे संगठित अपराधों की पहचान और वित्तीय ट्रैकिंग; और तीसरा, डिजिटल बाल सुरक्षा के तहत सी-सीम से जुड़े ऑनलाइन हीट-जोन और आईपी पते का विश्लेषण।

शिखर सम्मेलन में नीति, तकनीक, कानून प्रवर्तन, शिक्षा और नागरिक समाज के विशेषज्ञों ने एआई के सामाजिक उपयोग, डिजिटल सुरक्षा और सहयोग आधारित मॉडल पर चर्चा की। जेआरसी ने 2025 में ही 20 लाख से अधिक संवेदनशील परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा, करीब दो लाख बाल विवाह रोके और 55 हजार से अधिक बच्चों को ट्रैफिकिंग व शोषण से मुक्त कराया।

भारत सरकार 16 से 20 फरवरी तक इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन कर रही है, जो ग्लोबल साउथ में एआई पर अपनी तरह का पहला बड़ा मंच होगा। ‘रक्षा’ का लॉन्च भारत की उसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है—जहां तकनीक मानवता की रक्षा के लिए काम करे।

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