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पाकिस्तान में आतंकी का उन्मादी भाषण: हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की खुली धमकी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली। 14 जनवरी: पाकिस्तान में आतंकवाद को मिलने वाले संरक्षण पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा वरिष्ठ आतंकी अबू मूसा कश्मीरी भीड़ के बीच उकसाऊ भाषण देता दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह खुले तौर पर भारत और हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा को जायज़ ठहराने की कोशिश करता है।

सत्ता के गलियारों तक दावा

अपने भाषण के दौरान आतंकी यह दावा करता है कि उसने कश्मीर को लेकर अपनी सोच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों तक सीधे पहुँचाई है। उसका कहना है कि कश्मीर मसले को राजनीतिक या कूटनीतिक रास्ते से नहीं, बल्कि हिंसक तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए। यह बयान पाकिस्तान में चरमपंथियों को मिलने वाली कथित राजनीतिक सहमति की ओर इशारा करता है।

भारत विरोधी एजेंडे की पुनरावृत्ति

विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के बयान यह दिखाते हैं कि पाकिस्तान की धरती पर भारत विरोधी हिंसा को अब भी वैचारिक समर्थन मिलता है। ऐसे भाषण न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं, बल्कि वैश्विक आतंकवाद विरोधी प्रयासों को भी चुनौती देते हैं।

गाजा संकट और नई साजिश

इसी बीच रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों का हवाला देकर अपने नेटवर्क को दोबारा सक्रिय कर रहे हैं। इन संगठनों पर मानवीय सहायता के नाम पर संसाधन जुटाने और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर मोड़ने के आरोप लगे हैं।

थिंक टैंक की रिपोर्ट

एथेंस स्थित थिंक टैंक जियोपॉलिटिको की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित संगठन राहत अभियानों की आड़ में फंडिंग जुटा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जैश प्रमुख मसूद अजहर के परिवार से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका भी इन अभियानों में सामने आई है।

बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चिंता

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ किए जाने वाले दावों को कमजोर करती हैं। भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाता रहा है कि पड़ोसी देश की जमीन से संचालित आतंकी नेटवर्क क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं।

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