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पीएम ऑफिस का नया पता: ‘सेवा तीर्थ’ से होगा संचालन

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली। 14 जनवरी: आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का पता बदले जाने जा रहा है। अब तक रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से संचालित होने वाला पीएमओ जल्द ही नए परिसर में स्थानांतरित होगा। यह नया कार्यालय विजय चौक के समीप, नए संसद भवन से कुछ ही दूरी पर बने भवन में होगा।

‘सेवा तीर्थ’ नाम क्यों

नए प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ नाम दिया गया है। सेंट्रल विस्टा परियोजना के शुरुआती चरण में इसे एक्ज़ीक्यूटिव एन्क्लेव कहा जा रहा था, लेकिन दिसंबर 2024 में नाम बदलने का निर्णय लिया गया।

इस नामकरण के पीछे नरेंद्र मोदी की वह सोच है, जिसमें उन्होंने स्वयं को प्रधानमंत्री से पहले प्रधान सेवक माना है। ‘सेवा तीर्थ’ का अर्थ है—ऐसा स्थान, जहाँ से देशवासियों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

शासन नहीं, सेवा का भाव

मोदी सरकार का यह संदेश स्पष्ट है कि सत्ता शासक–शासित के संबंध का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा और कर्तव्य का दायित्व है। ‘सेवा तीर्थ’ नाम इसी भावना को दर्शाता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय केवल निर्णयों का केंद्र नहीं, बल्कि जनसेवा का तीर्थ है।

पिछले दशक में बदले कई अहम नाम

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में नामकरण के माध्यम से वैचारिक बदलाव पहले भी देखने को मिला है।

सेंट्रल विस्टा और सांस्कृतिक प्रतीक

नए संसद भवन के प्रवेश द्वार—मकर द्वार, हंस द्वार, शार्दूल द्वार, गज द्वार, अश्व द्वार और गरुड़ द्वार—भारतीय संस्कृति, शक्ति, ज्ञान और कर्तव्य के प्रतीक हैं। वहीं नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को भविष्य में युगे युगीन भारत संग्रहालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।

बदलते पते, बदलती मानसिकता

प्रधानमंत्री कार्यालय का नया पता केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं है। यह उस सोच का प्रतीक है, जिसमें लोकतंत्र का अर्थ राज करना नहीं, बल्कि सेवा करना है। बीते एक दशक में बदले गए नाम और पते इसी वैचारिक परिवर्तन को रेखांकित करते हैं।

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