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ईरान अशांति: कश्मीरी छात्रों को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर से उमर अब्दुल्ला की बात

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 15 जनवरी: ईरान में फैलते विरोध प्रदर्शनों और अस्थिर माहौल के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर चर्चा की। बातचीत का मुख्य केंद्र ईरान में मौजूद जम्मू-कश्मीर के छात्रों और अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा रहा।

हालात की समीक्षा और मंत्रालय की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि विदेश मंत्री ने उन्हें ईरान में मौजूदा हालात का विस्तृत आकलन साझा किया और यह भी बताया कि विदेश मंत्रालय इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। उमर अब्दुल्ला के अनुसार, विदेश मंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्रों और अन्य नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं।

अभिभावकों में बढ़ती बेचैनी

मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि कश्मीर समेत देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्र मौजूदा परिस्थितियों में ईरान में फंसे हुए हैं। अचानक बिगड़े हालातों ने अभिभावकों की बेचैनी बढ़ा दी है और वे अपने बच्चों की सलामती को लेकर डरे हुए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप करने की अपील की।

कश्मीर से छात्रों की संख्या अधिक

सूत्रों के मुताबिक, ईरान में एमबीबीएस सहित विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों में कश्मीर घाटी के छात्रों की संख्या सबसे अधिक है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर से हर वर्ष कई शिया मुसलमान धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा के लिए ईरान जाते हैं। मौजूदा हालात के चलते वहाँ मौजूद कश्मीरी शिया परिवारों में भी चिंता का माहौल है।

केंद्र सरकार की नजर

विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि ईरान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।

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