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‘इंटरनेट बंद, ख़तरनाक प्रदर्शन’ ईरान से दिल्ली पहुँचे भारतीयों ने बयाँ किया दर्द

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 17 जनवरी: ईरान में ख़ामेनेई शासन के ख़िलाफ़ भड़के हिंसक प्रदर्शनों के बीच वहाँ फँसे भारतीय नागरिकों को लेकर पहली दो वाणिज्यिक उड़ानें बीती रात दिल्ली पहुँचीं। ये नियमित कमर्शियल फ़्लाइट्स थीं और किसी औपचारिक निकासी अभियान का हिस्सा नहीं थीं। भारत सरकार पहले ही अपने नागरिकों को ईरान की गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने की सलाह दे चुकी है।

भारतीयों ने बताए ईरान के हालात

लौटकर आए यात्रियों ने बताया कि सड़कों पर प्रदर्शन, आगज़नी और डर का माहौल था। 15 जनवरी को ईरानी एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद होने के कारण कुछ भारतीय उड़ानें प्रभावित हुई थीं, हालाँकि अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बताए जा रहे हैं।

इंटरनेट पूरी तरह ठप

एक एमबीबीएस छात्रा ने बताया कि उसने प्रत्यक्ष हिंसा नहीं देखी, लेकिन इंटरनेट पूरी तरह बंद था। परिवार से संपर्क नहीं हो पा रहा था, जिससे मानसिक तनाव बढ़ गया।

दूतावास से संपर्क में दिक़्क़त

एक अन्य भारतीय नागरिक ने कहा, “पिछले कुछ हफ़्तों में हालात बिगड़ गए थे। बाहर निकलते समय प्रदर्शनकारी कारों के आगे आ जाते थे। इंटरनेट नहीं था, परिवार तक ख़बर नहीं पहुँचा सकते थे।” हालाँकि भारतीय दूतावास, तेहरान लगातार तीर्थयात्रियों, छात्रों, पर्यटकों और व्यापारियों से संपर्क में रहा।

‘अब हालात सामान्य हो रहे हैं’

एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर ने बताया कि सबसे ज़्यादा परेशानी नेटवर्क को लेकर हुई। एक अन्य भारतीय ने कहा कि लोग डरे हुए थे, प्रदर्शन ख़तरनाक थे, लेकिन अब स्थिति पहले से बेहतर है।

ईरान में तनाव कैसे बढ़ा

दिसंबर के अंत में ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते दो हफ़्तों में क़रीब 3,000 लोगों की मौत हुई। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व के बीच तीखी बयानबाज़ी से संभावित सैन्य तनाव की आशंका भी बढ़ी।

भारत की नज़र बनी हुई है

गौरतलब है कि ईरान में 9,000 से अधिक भारतीय नागरिक मौजूद हैं। भारत सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हालात पर कड़ी नज़र रखे हुए है।

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