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दिल्ली सुरक्षा में नया अध्याय: 79वें स्थापना दिवस पर ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’

दिल्ली सुरक्षा में नया अध्याय: 79वें स्थापना दिवस पर 'सेफ सिटी प्रोजेक्ट

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 16 फरवरी : देश की राजधानी की धमनियों में सुरक्षा का नया संचार करने के उद्देश्य से आज दिल्ली पुलिस ने अपना 79वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस ऐतिहासिक अवसर पर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को ‘स्मार्ट और अभेद्य’ बनाने की दिशा में दो बड़े मील के पत्थर स्थापित किए गए। समारोह के मुख्य अतिथि द्वारा ₹857 करोड़ की लागत से निर्मित बहुप्रतीक्षित ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही, आतंकवाद और संगठित अपराध के विरुद्ध दिल्ली पुलिस की ढाल यानी ‘स्पेशल सेल’ के लिए ₹368 करोड़ की लागत से बनने वाले इंटीग्रेटेड हेडक्वार्टर का ई-शिलान्यास भी संपन्न हुआ।

ऐतिहासिक गौरव और संवैधानिक उत्तरदायित्व
1948 में अपनी स्थापना के बाद से दिल्ली पुलिस ने महज़ एक बल से बढ़कर देश की सबसे आधुनिक पुलिस शक्ति बनने तक का सफर तय किया है। भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत दिल्ली की सुरक्षा का दायित्व सीधे केंद्र सरकार के पास है, जो इसे राष्ट्रीय महत्व और संवेदनशीलता की दृष्टि से विशिष्ट बनाता है। आज का यह आयोजन केवल ईंट-पत्थरों के उद्घाटन का नहीं, बल्कि दिल्ली के प्रत्येक नागरिक को एक भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के संवैधानिक संकल्प को दोहराने का दिन रहा।

स्पेशल सेल को मिला आधुनिक ठिकाना
आतंकवाद विरोधी अभियानों में अपनी साख जमाने वाली ‘स्पेशल सेल’ को अब एक ही छत के नीचे सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। ₹368 करोड़ की लागत से बनने वाला यह इंटीग्रेटेड हेडक्वार्टर न केवल जांच अधिकारियों को बेहतर कार्यक्षेत्र प्रदान करेगा, बल्कि साइबर क्राइम और तकनीकी इंटेलिजेंस के लिए विश्वस्तरीय लैब से भी सुसज्जित होगा।

निष्कर्ष: भविष्य की चुनौतियां और तैयारी
स्थापना दिवस के परेड की सलामी लेते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बदलती तकनीक के साथ अपराध के तरीके भी बदले हैं, और दिल्ली पुलिस अब ‘रिएक्टिव’ के बजाय ‘प्रो-एक्टिव’ पुलिसिंग की ओर कदम बढ़ा चुकी है। ₹1,200 करोड़ से अधिक का यह कुल निवेश दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

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