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10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव 16 मार्च को, 20 मार्च तक पूरा

10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव 16 मार्च को, 20 मार्च तक पूरा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 18 फरवरी: Election Commission of India ने अप्रैल 2026 में कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्यों की रिक्त होने वाली सीटों के लिए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इस चरण में कुल 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे। आयोग के अनुसार पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च 2026 तक संपन्न कर ली जाएगी।

आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक, चुनाव की अधिसूचना 26 फरवरी को जारी होगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को की जाएगी, जबकि उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 9 मार्च होगी।

मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संबंधित राज्य विधानसभाओं में होगा। उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी औपचारिकताएं पूरी कर 20 मार्च तक चुनाव प्रक्रिया समाप्त कर दी जाएगी।

इन 37 सीटों में महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना के सदस्य शामिल हैं, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। राज्यसभा के लिए चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से होते हैं, जिसमें संबंधित राज्यों के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं।

आयोग ने चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के लिए केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराई गई निर्धारित विनिर्देश वाली एकीकृत बैंगनी (वायलेट) रंग की स्केच पेन का ही उपयोग किया जाएगा। किसी अन्य पेन या लेखन सामग्री के उपयोग की अनुमति नहीं होगी।

इसके अलावा, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रेक्षकों (ऑब्जर्वर) की नियुक्ति की जाएगी। आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव भारतीय संसदीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं, क्योंकि हर दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं और उनकी जगह नए सदस्य चुने जाते हैं। इस बार जिन राज्यों में अधिक सीटें रिक्त हो रही हैं, वहां राजनीतिक दलों के बीच रणनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

राजनीतिक दलों ने संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। कई राज्यों में संख्या बल के आधार पर परिणाम लगभग तय माने जा रहे हैं, जबकि कुछ सीटों पर मुकाबला रोचक हो सकता है।

चुनाव आयोग ने कहा है कि पूरी प्रक्रिया संविधान और निर्धारित नियमों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

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