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भारतीय डाक विभाग में समग्र सुधार -ज्योतिरादित्य सिंधिया

भारतीय डाक विभाग में समग्र सुधार -ज्योतिरादित्य सिंधिया

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 23 फरवरी:  केंद्र सरकार डाक विभाग की आय बढ़ाने और घाटा कम करने के लिए पार्सल सेवा को आधुनिक तकनीक से तेज और भरोसेमंद बनाएगा। स्पीड पोस्ट के लिए 24 और 48 घंटे की निश्चित डिलीवरी व्यवस्था लागू कर अंतरराष्ट्रीय निर्यात कारोबार का विस्तार के साथ म्यूचुअल फंड और दूरसंचार सेवाओं में साझेदारी करेगा। साथ ही इस साल मार्च के महीने तक 100 डाकघरों को आधुनिक सेवा केंद्रों में बदलेगा।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां सचार भवन में डाक विभाग की आय बढ़ाने और घाटा कम करने के लिए किए जा बड़े बदलावों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में विभाग की आय 9,385 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,211 करोड़ रुपये हो गई है, यानी लगभग 8.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अब तक 5.97 करोड़ पार्सल और 71.74 करोड़ स्पीड पोस्ट लेख बुक किए जा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 303 करोड़ रुपये का निर्यात कारोबार हुआ है और भारत से 135 देशों में सामान भेजा जा रहा है। वहीं डाक बचत बैंक में जमा राशि 21.77 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

सिंधिया ने कहा डाक विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता अब आय के नए स्रोत तैयार करना है। इसके लिए पार्सल सेवा डाक विभाग के लिए आय का बड़ा साधन बनकर उभर रही है। अब तक 5.97 करोड़ पार्सल बुक किए जा चुके हैं। पार्सल की ढुलाई और वितरण को तेज और बेहतर बनाने के लिए नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। बड़ी कंपनियों जैसे अमेजन और फ्लिपकर्ट के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। इन कंपनियों के साथ दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में विशेष प्रयोग किए जा रहे हैं। इन प्रयोगों में 95 प्रतिशत से अधिक पार्सल समय पर पहुंचाए जा रहे हैं। साथ ही बड़े शहरों में अगले दिन पार्सल पहुंचाने की सेवा भी शुरू की जा रही है।

सिंधिया ने कहा कि स्पीड पोस्ट सेवा के तहत 24 घंटे और 48 घंटे में निश्चित वितरण की नई व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत 31 जनवरी तक 71.74 करोड़ स्पीड पोस्ट बुक किए जा चुके हैं। इससे विभाग की आय में बढ़ोतरी हो रही है और लोगों का भरोसा भी बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि डाक विभाग अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत से विदेशों में सामान भेजने की सुविधा का विस्तार किया गया है। इस वर्ष अब तक 303 करोड़ रुपये का निर्यात कारोबार डाक विभाग के माध्यम से हुआ है। अभी भारत से 135 देशों में सामान भेजा जा रहा है। इसके लिए देशभर में एक हजार से अधिक डाक निर्यात केंद्र बनाए जा रहे हैं। इससे छोटे व्यापारियों और कारीगरों को विदेशों में अपना सामान भेजने में मदद मिल रही है।

सिंधिया ने कहा कि डाक विभाग ने म्यूचुअल फंड सेवाओं के लिए ‘बीएसई’ और ‘एसोसिएट ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया’ के साथ समझौता किया है। दूरसंचार सेवाओं के लिए बीएसएनएल के साथ भी काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आधार पंजीकरण और संशोधन के लिए 13,352 डाक केंद्र काम कर रहे हैं और अब तक 30.8 लाख सत्यापन किए जा चुके हैं। इसके अलावा डाकघरों के माध्यम से 14.45 करोड़ लेनदेन किए गए हैं और पासपोर्ट से जुड़े 0.45 करोड़ काम पूरे किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि डाक बचत बैंक खातों में पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाकर मोबाइल और आधार के माध्यम से पहचान सत्यापन किया जा रहा है। इसके तहत 31 अक्टूबर 2025 तक डाक बचत बैंक में कुल जमा राशि 21.77 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह डाक विभाग के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।

सिंधिया ने कहा कि डाकघरों के कामकाज में सुधार किया जा रहा है, बेकार की प्रक्रियाओं को खत्म किया जा रहा है और कागज के उपयोग को कम किया जा रहा है। अभी केवल 9 प्रतिशत काम ऑनलाइन हो रहा है, लेकिन लक्ष्य है कि वर्ष 2028-29 तक इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि डाक विभाग दुनिया के बड़े डाक संगठनों से भी सीख ले रहा है। इसके लिए फ्रांस की ‘ला पोस्टे’, ब्रिटेन की ‘रॉयल मेल’ और जापान की ‘जापान पोस्ट’ जैसी संस्थाओं के कामकाज का अध्ययन किया गया है। इनकी तरह नई मशीनें, बेहतर छंटाई व्यवस्था और आधुनिक सुविधाएं शुरू की जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों की भूमिका को मजबूत करने के लिए केवड़िया, बेंगलुरु, कोल्हापुर और गुंटूर में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 8,000 से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया। सिंधिया ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक डाक विभाग की रीढ़ हैं और उन्हीं की वजह से गांव-गांव तक सेवाएं पहुंचती हैं।

उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक 100 डाकघरों को नए रूप में तैयार किया जाएगा। इन डाकघरों में लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इनमें बैठने की अच्छी व्यवस्था, इंटरनेट सुविधा और आधुनिक माहौल होगा। इसके लिए देश के बड़े शिक्षण संस्थानों में भी नए डाकघर बनाए जा रहे हैं।

सिंधिया ने कहा कि डाक विभाग को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नए कदमों से विभाग की आय बढ़ेगी, खर्च कम होगा और आने वाले समय में डाक विभाग घाटे से बाहर निकलकर लाभ की स्थिति में आ सकेगा। तकनीक, नई सेवाओं और साझेदारी के जरिए डाक विभाग देश के विकास में और बड़ी भूमिका निभाएगा।

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