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एबीवीपी का आरोप : आज़िम प्रेमजी यूनिवर्सिटी कश्मीर अलगाववाद को बढ़ावा

एबीवीपी का आरोप :आज़िम प्रेमजी यूनिवर्सिटी कश्मीर अलगाववाद को बढ़ावा

समग्र समाचार सेवा
बेंगलुरु 25 फरवरी :बेंगलुरु में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आज़िम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर के अलगाववाद को बढ़ावा दे रहा है और भारतीय सेना का अपमान कर रहा है।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय के नामपट्ट पर काला रंग पोत दिया। उनका कहना था कि यह कार्यक्रम देश को “विभाजित” करने की साजिश का हिस्सा है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि यह आयोजन छात्र संगठन “स्पार्क” द्वारा किया गया था, जिसे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) का समर्थन प्राप्त है।
एबीवीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि स्पार्क ने अपने पोस्टर और कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह केवल मानवाधिकारों का मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रविरोधी विचारधारा को बढ़ावा देने का प्रयास है।

विवाद का केंद्र बना पोस्टर 1991 की कुनन- पोशपोरा घटना पर आधारित था। पोस्टर में लिखा था कि 23-24 फरवरी 1991 की रात कथित सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी और 35 साल बाद भी किसी को सजा नहीं मिली। इसमें यह भी कहा गया कि पीड़ित महिलाएं अब भी न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं।
एबीवीपी का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय परिसर को “भारत विरोधी” विचारों का मंच बनाया जा रहा है। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब माँगा ।

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