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राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला

समग्र समाचार सेवा
मध्य प्रदेश, भोपाल ,25 फरवरी :राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ‘किसान महाचौपाल’ के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला। बड़ी संख्या में जुटे किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, कृषि कानूनों के प्रभाव और कथित कॉर्पोरेट गठजोड़ को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री पर “एपस्टीन और अडाणी जैसे संवेदनशील मामलों” का भारी दबाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दबाव के कारण सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे समझौते कर रही है, जिनसे देश के दीर्घकालिक हित प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष दस्तावेज मंच से प्रस्तुत नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा कि देश की जनता को इन मुद्दों पर पारदर्शिता का अधिकार है।

राहुल गांधी ने किसानों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि केंद्र की नीतियों का सबसे अधिक असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों और प्राकृतिक संसाधनों को कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंप रही है। उनके अनुसार, इससे आर्थिक असमानता बढ़ी है और छोटे किसान, मजदूर तथा मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि “देश की संपत्ति 2-3 बड़े उद्योगपतियों के हाथों में सिमटती जा रही है, जबकि किसान कर्ज और लागत के बोझ से दबा है।”

कांग्रेस नेता ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने की मांग दोहराई और वादा किया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो किसानों के लिए स्थायी और न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार का अर्थ किसानों को बाजार के हवाले करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षा और उचित मूल्य देना होना चाहिए।

सभा स्थल पर बड़ी संख्या में किसानों और युवाओं की मौजूदगी देखी गई। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह रैली आगामी चुनावों की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। मंच से राहुल गांधी ने संकेत दिया कि आने वाले चुनावों में उनकी पार्टी आर्थिक असमानता, बेरोजगारी और कॉर्पोरेट सांठगांठ जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना देशविरोधी नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सरकार से जवाब मांगता है, उसे एजेंसियों के जरिए दबाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे “डर की राजनीति” के खिलाफ एकजुट हों और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं।

रैली के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि वह जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। भोपाल की इस किसान महाचौपाल ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में राजनीतिक मुकाबला आर्थिक नीतियों और कॉर्पोरेट प्रभाव जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहने वाला है।

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