Site icon Samagra Bharat News website

आपकी योजना-आपके द्वार: हर नागरिक तक कल्याण योजनाएँ पहुँचाने पर ज़ोर

आपकी योजना-आपके द्वार: हर नागरिक तक कल्याण योजनाएँ पहुँचाने पर ज़ोर

समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़, 19 मार्च :सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ द्वारा टैगोर थिएटर, सेक्टर-18 में ‘आपकी योजना-आपके द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि सत्य पाल जैन विशिष्ट अतिथि रहे।

समावेशी विकास पर राज्यपाल का जोर

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की असली ताकत उसके कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण में निहित होती है। उन्होंने महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं को समाज में गरिमा और आत्मनिर्भरता बढ़ाने वाला बताया।

उन्होंने युवाओं में जागरूकता बढ़ाने, विशेषकर नशा-विरोधी अभियानों की आवश्यकता पर बल दिया और नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया, ताकि वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर फोकस

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योजनाओं की “डोरस्टेप डिलीवरी” सुनिश्चित करना है, ताकि लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे। इस दौरान कई प्रमुख योजनाओं और पहलों पर प्रकाश डाला गया।

चंडीगढ़ में यह विभाग एक मजबूत संस्थागत ढांचे के माध्यम से लाखों लोगों तक सेवाएं पहुंचा रहा है।

लगभग 10.5 लाख की आबादी में से:

4.7 लाख महिलाएं

1.17 लाख बच्चे

72,000 से अधिक वरिष्ठ नागरिक

15,000 दिव्यांगजन

इन सभी को 450 आंगनवाड़ी केंद्रों, बाल देखभाल संस्थानों, वन स्टॉप सेंटर और अन्य सुविधाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है। ‘डिजिटल लाइब्रेरी NETRA’ और ‘पोषण अमृत वन’ जैसी नवाचार पहलें भी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

बजट उपयोग और विकास योजनाएँ

वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग को मिले ₹72.47 करोड़ के बजट में से लगभग ₹69 करोड़ का उपयोग किया जा चुका है। ‘मिशन वात्सल्य’ और ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0’ जैसे कार्यक्रमों में उच्च बजट उपयोग दर्ज किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे और सेवाओं का विस्तार संभव हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान विभागीय पहलों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई, जिसने “गरिमापूर्ण सशक्तिकरण और समावेशी विकास” की अवधारणा को मजबूती दी।

इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Exit mobile version