Site icon Samagra Bharat News website

ईरान के हमले पर भारत का कड़ा रुख, UAE में 3 भारतीय घायल

ईरान के हमले पर भारत का कड़ा रुख, UAE में 3 भारतीय घायल

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 5 मई : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज ज़ोन पर ईरान के हमले को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए, जिसके बाद भारत सरकार ने इसे “अस्वीकार्य” करार दिया है और तत्काल शांति बहाली की अपील की है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात नाजुक बने हुए हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि नागरिकों और महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक रास्ते से विवाद सुलझाने की अपील की है। साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में निर्बाध व्यापार और नौवहन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

 प्रधानमंत्री ने की कड़ी निंदा

प्रधानमंत्री ने भी इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों और बुनियादी ढांचे पर हमला करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने UAE के साथ भारत की एकजुटता जताते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का सुरक्षित रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

UAE और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान द्वारा दागी गई 15 मिसाइलों और 4 ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट किया। हालांकि, एक ड्रोन फुजैराह के सबसे बड़े तेल संयंत्र में गिरा, जिससे आग लग गई और तीन भारतीय घायल हो गए। वहीं, ब्रिटिश सेना ने भी दो कार्गो जहाजों में आग लगने की सूचना दी है।

 ईरान का बयान और बढ़ता तनाव

ईरान ने सीधे तौर पर हमले की पुष्टि नहीं की, लेकिन उसके विदेश मंत्री ने संकेत दिया कि अमेरिका और UAE को स्थिति को और बिगड़ने से बचाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका की कार्रवाई को क्षेत्र में अस्थिरता का कारण बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना पहले से जारी संघर्ष को और भड़का सकती है।

 स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना तनाव का केंद्र

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है, इस समय संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। ईरान द्वारा इस मार्ग को बंद करने की धमकी से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और आर्थिक चिंता गहरा गई है।

Exit mobile version