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एम्स के 51वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधन

समग्र समाचार सेवा:
दिल्ली, 13 मई: नई दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (AIIMS) के 51वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में भाषण देते हुए भारत के उपराष्ट्रपति ने चिकित्सा विज्ञान में इस संस्थान के योगदान की उच्च सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों से एम्स नई दिल्ली ने चिकित्सा नवाचार, आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और रोगी सेवा के क्षेत्र में देश में सर्वोच्च मानक स्थापित किए हैं।

उपराष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि विश्व स्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ एम्स आम लोगों के लिए इलाज को बेहद किफायती (सस्ता) बनाए रखने में भी सफल रहा है।

उन्होंने इस वर्ष एम्स के डॉक्टरों और शोधकर्ताओं की टीम की एक उल्लेखनीय सफलता का विशेष रूप से उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि अंटार्कटिका के “मैत्री रिसर्च स्टेशन” में मौजूद एक व्यक्ति पर दुनिया का पहला लाइव रिमोट टेली-रोबोटिक अल्ट्रासाउंड सफलतापूर्वक पूरा करना चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में एक नया मील का पत्थर है।

समारोह में नए स्नातकों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें एम्स की गौरवशाली विरासत को अक्षुण्ण रखना होगा। उन्हें न केवल दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाना है, बल्कि चिकित्सा विज्ञान के भविष्य की दिशा तय करने में भी नेतृत्व करना होगा।

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