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2008 अहमदाबाद ब्लास्ट केस : 38 को फाँसी 11 को उम्रकैद

2008 अहमदाबाद ब्लास्ट केस : 38 को फाँसी 11 को उम्रकैद
  • गुजरात हाईकोर्ट ने 38 दोषियों की फांसी और 11 की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा
  • मृतकों के परिवारों को 10 लाख, गंभीर घायलों को 5 लाख, हल्के घायलों को 1 लाख का मुआवजा
  • केस में कुल 49 दोषी, 29 बरी; 35 एफआईआर, 548 चार्जशीट और 1,163 गवाह
  • फैसले के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे, कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात

समग्र समाचार सेवा

गुजरात  8 जुलाई : गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2008 अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट केस में बड़ी सुनवाई करते हुए सेशंस कोर्ट का फैसला बरकरार रखा। कोर्ट ने 38 दोषियों की फांसी और 11 की उम्रकैद की सजा को मंजूरी दे दी। साथ ही राज्य सरकार को आदेश दिया कि विस्फोट में मारे गए लोगों के परिवारों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख रुपये और हल्के घायलों को 1 लाख रुपये का मुआवजा 31 मार्च 2027 तक दिया जाए।

यह फैसला 18 साल पुराने उस आतंकी हमले के मामले में आया है जिसमें 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद के 20 स्थानों पर 21 बम धमाकों में 56 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले में कुल 78 आरोपियों पर मुकदमा चला, जिसमें 49 दोषी करार दिए गए और 29 को बरी किया गया।

पुलिस ने इस केस में 35 एफआईआर दर्ज कीं, 548 चार्जशीट दाखिल कीं और 1,163 गवाहों के बयान दर्ज किए। सेशंस कोर्ट ने 7,000 पन्नों में अपना फैसला दिया, जो देश के सबसे बड़े आपराधिक मामलों में से एक है।

हाईकोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष ने साजिश और दोषियों की भूमिका के पर्याप्त सबूत पेश किए। कोर्ट ने मुआवजे की राशि बढ़ाने और राज्य सरकार को समयसीमा में भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

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