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ISRO में 100+ वैज्ञानिकों के इस्तीफे के बाद विभाग ने नई व्यवस्था लागू की

ISRO वैज्ञानिक इस्तीफा, गगनयान मिशन टीम, डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस पॉलिसी, ISRO नई रिटेंशन व्यवस्था, चंद्रयान-3 वैज्ञानिक

समग्र समाचार सेवा
बेंगलुरु | 16 जुलाई :
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख मिशनों, विशेषकर गगनयान और चंद्रयान-3 जैसी परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे की बढ़ती संख्या ने डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस (DoS) को अलर्ट कर दिया है। ताजा आदेश के तहत, Gaganyaan, चंद्रयान और अन्य राष्ट्रीय महत्व के मिशनों पर कार्यरत वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या इस्तीफे की अर्जियां अब सीधे डिवीजनल डायरेक्टर की जगह DoS को भेजी जाएंगी, जहां अंतिम निर्णय होगा।

सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में URSC से 80 और VSSC से 20 से अधिक वैज्ञानिकों के इस्तीफे हुए हैं, जिनमें मिशन क्रिटिकल प्रोजेक्ट्स के निदेशक भी शामिल हैं। हालांकि यह कुल कार्यबल का छोटा हिस्सा है, लेकिन ये इस्तीफे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्रों से हुए हैं, जिससे मिशन की निरंतरता पर असर पड़ सकता है।

ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन ने कहा कि संगठन इन इस्तीफों से निपटने को तैयार है, लेकिन अनुभवी वैज्ञानिकों का स्थान लेना आसान नहीं। ISRO की नई नीति के तहत, अब ऐसे वैज्ञानिकों की सेवाएं मिशन पूरा होने तक रोकने की कोशिश की जाएगी।

इस कदम का उद्देश्य देश के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशनों की गति और गुणवत्ता को बनाए रखना है। हालांकि, ISRO में नई भर्तियां जारी हैं और हाल ही में 1050 पदों के लिए प्रक्रिया चल रही है, फिर भी अनुभवी वैज्ञानिकों की कमी एक बड़ी चिंता बनी रहेगी।

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