Site icon Samagra Bharat News website

नई दिल्ली :18 वर्ष की सहमति आयु बरकरार रखने पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में जोर

नई दिल्ली :18 वर्ष की सहमति आयु बरकरार रखने पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में जोर

 

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 31 जुलाई :
नई दिल्ली में संस्कृतिक गौरव संस्थान द्वारा ‘किशोरों के सहमति संबंध: चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक व कानूनी परिप्रेक्ष्य’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें न्याय, चिकित्सा, मनोविज्ञान, शिक्षा और कानून के दिग्गज विशेषज्ञ एकत्र हुए और भारत में किशोर संबंधों की बढ़ती चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया।

प्रमुख सिफारिशें:

संयुक्त अनुशंसाएँ:

निष्कर्ष:
संगोष्ठी में कहा गया कि कानून अकेले किशोरों से जुड़े सामाजिक मुद्दों का समाधान नहीं कर सकते। भारत को पारंपरिक परिवार व्यवस्था और नैतिक मूल्यों को पुनर्जीवित कर जिम्मेदार, अनुशासित और विश्वास आधारित समाज की ओर बढ़ना चाहिए।

अंतिम शब्द:
अध्यक्षीय भाषण में श्री कपिल खन्ना ने कहा—अधिकार और जिम्मेदारी में संतुलन भारतीय सभ्यता का मूल है। किशोरों की सुरक्षा परिवार, शिक्षा संस्थानों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आयोजकों ने बताया कि अनुशंसाओं को संकलित कर संबंधित मंत्रालयों, सांसदों, विधि आयोग, बाल अधिकार संस्थाओं और अन्य हितधारकों को भेजा जाएगा।

Exit mobile version